चंद्रग्रहण के प्रभाव और स्थानीय मान्यताओं के चलते आज भी कई स्थानों पर धुलण्डी धूमधाम से मनाई जा रही है। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक और वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देने वाला ये पर्व समानता और भाईचारे का संदेश देता है। सवाईमाधोपुर में होली का उल्लास पूरे चरम पर है।
घरों और मंदिरों में फागोत्सव के आयोजन हो रहे हैं। गली मोहल्लों और होटलों में एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी जा रही हैं। अजमेर में होली के अवसर पर ब्यावर की प्रसिद्ध बादशाह की सवारी पूरे उत्साह के साथ निकाली जाएगी। बादशाह मेले में शामिल होने के लिए कल रात से ही बड़ी संख्या में प्रदेशभर से लोगों के आने का सिलसिला जारी है।
भीलवाड़ा के शाहपुरा कस्बे में अंतर्राष्ट्रीय राम स्नेही सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ पर छह दिवसीय फूलडोल महोत्सव का आयोजन हो रहा है। पाली में रोहट क्षेत्र के झींतड़ा गांव में आस्था, परम्परा और लोक विश्वास का अनूठा संगम होगा। मान्यता के अनुसार होली के दूसरे दिन भगवान द्वारिकाधीश द्वारिका छोड़कर झींतड़ा में रहेंगे।
इस दिन द्वारिका में मंदिर के पट बंद रहते हैं। यहां भगवान द्वारिकाधीश की गाजेबाजे के साथ सवारी निकाली जाएगी। बृज क्षेत्र भरतपुर में गुलाल और अबीर के साथ होली के हुरियारे अपने घरों से टोलियों में निकल गये हैं।






