नगर निगम से नक्शा रद्द, तोड़ने के आदेश: फिर क्यों जारी है निर्माण?

भोपाल ।
ऐसा लगता है कि अवैध निर्माण पर कार्यवाही केवल झुग्गियों को हटाने पर ही तेजी से होती है। अगर पैसा या पावर वाले लोग अवैध निर्माण करें तो प्रशासन उन पर कार्यवाही करने में बहुत देर करता है। इतनी देर कि नगर निगम से लेकर विधानसभा तक में अवैध निर्माण का मामला चर्चा का विषय बने। मामला अदालत में चला जाए, इसके बाद भी अवैध निर्माण लगातार चलता रहता है। क्या प्रशासन का बुलडोजर केवल ग़रीब, कमजोर वर्गों की झुग्गी-बस्तियों पर ही चलेगा ?


ऐसे में सवाल यह भी है कि अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर नियम कानून को क्यों नहीं मान रहे हैं ?


नगर निगम ने जिस निर्माण को अवैध घोषित कर दिया और जहां कोर्ट ने भी निर्माण करनेपर रोक लगा दी वहां चार मंजिला शापिंग काम्प्लेक्स लगभग तैयार हो चुका है। नगर निगम और कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए तेज़ी से निर्माण पूरा करने की कार्यवाही चल रही है। यह सब नगर निगम के अफसरों की जानकारी में है। इसके बाद भी अवैध निर्माण रूक नहीं पा रहा है।
यह मामला भोपाल के नगर निगम जोन 7 अन्तर्गत कोहेफिज़ा इलाके का है।


इस इलाके में फ्लैग हाउस के सामने, जहां पहले रेडियंट ट्रैवल्स संचालित होता था, उसी जगह पर अब तेज़ी से रिहाईशी इलाके में व्यावयायिक परिसर का निर्माण किया जा रहा है।


नगर निगम पहले ही इस निर्माण को पूरी तरह अवैध घोषित कर चुका है और बिल्डिंग परमिशन भी रद्द की जा चुकी है। इतना ही नहीं, निगम द्वारा इस निर्माण को तोड़ने का आदेश भी जारी किया गया था। हालांकि, पर्याप्त पुलिस बल नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी बीच, बिल्डर ने हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिया और अब उसी का फायदा उठाते हुए तेजी से निर्माण कार्य पूरा करने में जुटा है।


नगर निगम अधिकारियों का साफ कहना है कि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है और जैसे ही कोर्ट का स्टे हटेगा, इसे तोड़ दिया जाएगा। इस मामले को 20 फरवरी को विधानसभा में भी उठाया जा चुका है, जहां निगम ने खुद स्वीकार किया कि निर्माण अवैध है और केवल स्टे की वजह से कार्रवाई रुकी हुई है।


चिंता की बात यह है कि बिल्डर जल्द से जल्द निर्माण पूरा कर फ्लैट और दुकानें बेचने की कोशिश में है, ताकि पैसे लेकर निकल सके—और बाद में जब कार्रवाई हो, तो उसका खामियाजा खरीदारों को भुगतना पड़े।


नगर निगम ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि बिना स्वीकृत नक्शा देखे किसी भी निर्माणाधीन भवन में निवेश न करें, क्योंकि कोहेफिज़ा इलाके में कई निर्माण नियमों के विरुद्ध हैं और भविष्य में उन पर कार्रवाई होना तय है।


प्लॉट नंबर A-24 पर हो रहे इस निर्माण को लेकर निगम कई बार नोटिस जारी कर चुका है। इसके बावजूद निर्माण जारी रहना प्रशासनिक सख्ती पर भी सवाल खड़े करता है। ऐसा लगता है कि इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों को भी कोई लाभ हो रहा है इसीलिए अब तक अवैध निर्माण को तोड़ा नहीं गया।


इस अवैध निर्माण की शिकायत अदालत तक पहुंचाने वाले जागरूक नागरिकों ने अपील की है कि इस अवैध निर्माण में फ्लैट या दुकान खरीदने से बचें, वरना भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

-अमिताभ पाण्डेय

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

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