अदालत और नगर निगम के आदेश पर भारी बिल्डर की मनमानी

भोपाल ।

मध्यप्रदेश में बिल्डर नियम कानून की लगातार अवहेलना कर रहे हैं।अब तो ऐसा लगता है कि उन्हें कोर्ट, कचहरी के आदेश की भी चिंता नहीं है।

नगर निगम ने जिस निर्माण को अवैध घोषित कर दिया और जहां कोर्ट ने भी निर्माण करने पर रोक लगा दी वहां चार मंजिला शापिंग काम्प्लेक्स लगभग तैयार हो चुका है।

नगर निगम और कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए तेज़ी से निर्माण पूरा करने की कार्यवाही चल रही है। यह सब नगर निगम के अफसरों की जानकारी में है। इसके बाद भी अवैध निर्माण रूक नहीं पा रहा है।

यह मामला भोपाल के नगर निगम जोन 7 अन्तर्गत कोहेफिज़ा इलाके का है। इस इलाके में फ्लैग हाउस के सामने, जहां पहले रेडियंट ट्रैवल्स संचालित होता था, उसी जगह पर अब तेज़ी से रिहायशी इलाके में व्यावयायिक परिसर का निर्माण किया जा रहा है।

नगर निगम पहले ही इस निर्माण को पूरी तरह अवैध घोषित कर चुका है और बिल्डिंग परमिशन भी रद्द की जा चुकी है। इतना ही नहीं, निगम द्वारा इस निर्माण को तोड़ने का आदेश भी जारी किया गया था।

हालांकि, पर्याप्त पुलिस बल नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी बीच, बिल्डर ने हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिया और अब उसी का फायदा उठाते हुए तेजी से निर्माण कार्य पूरा करने में जुटा है।

नगर निगम अधिकारियों का साफ कहना है कि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है और जैसे ही कोर्ट का स्टे हटेगा, इसे तोड़ दिया जाएगा।

इस मामले को 20 फरवरी को विधानसभा में भी उठाया जा चुका है, जहां निगम ने खुद स्वीकार किया कि निर्माण अवैध है और केवल स्टे की वजह से कार्रवाई रुकी हुई है।

चिंता की बात यह है कि बिल्डर जल्द से जल्द निर्माण पूरा कर फ्लैट और दुकानें बेचने की कोशिश में है, ताकि पैसे लेकर निकल सके—और बाद में जब कार्रवाई हो, तो उसका खामियाजा खरीदारों को भुगतना पड़े।

नगर निगम ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि बिना स्वीकृत नक्शा देखे किसी भी निर्माणाधीन भवन में निवेश न करें, क्योंकि कोहेफिज़ा इलाके में कई निर्माण नियमों के विरुद्ध हैं और भविष्य में उन पर कार्रवाई होना तय है।

प्लॉट नंबर A-24 पर हो रहे इस निर्माण को लेकर निगम कई बार नोटिस जारी कर चुका है। इसके बावजूद निर्माण जारी रहना प्रशासनिक सख्ती पर भी सवाल खड़े करता है।

इस खेल में नगर निगम के अधिकारियों को लगातार कुछ न कुछ मिल रहा है इसलिये अभी वो आखें मूंदे बैठे है।

बाद में इसका ख़ामियाज़ा ख़रीददारों को भुगतना पड़ेगा।इस संबंध में नगरीय प्रशासन मंत्री, नगर निगम आयुक्त, नगर निवेशक से शिकायत करने वालों ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि इस अवैध निर्माण में फ्लैट या दुकान खरीदने से बचें, वरना भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

– अमिताभ पाण्डेय

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

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