लागत से 6 गुना अधिक वसूली कर चुकी है कंपनी, देवास भोपाल टोल रोड पर टोल वसूली बंद हो

भोपाल।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने देवास भोपाल फोरलेन में फास्टैग के जरिए अधिक वसूल किए गए टोल को गलत ठहराया है। उच्च न्यायालय के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिविजनल बेंच ने अपने निर्णय में यह कहा है वर्ष 2022 में वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट दरों से की गई 11 करोड़ रुपए की अधिक वसूली को लौटाया जाए।

माननीय न्यायाधीश ने इस संबंध में भोपाल देवास टोल कंपनी पर₹25000 का जुर्माना भी लगाया है। उच्च न्यायालय का यह निर्णय सामने आने के बाद पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने यह मांग की है कि अपनी लागत का 6 गुना अधिक वसूल कर चुकी देवास भोपाल टोल कंपनी द्वारा आम जनता से वाहन मालिकों से टोल टैक्स के नाम पर की जा रही वसूली तत्काल बंद की जाए।

श्री सखलेचा ने कहा है कि राज्य सरकार को टोल वसूली निरस्त करने का आदेश तत्काल जारी करना चाहिए। उल्लेखनीय की देवास भोपाल टोल रोड पर की जा रही टोल वसूली को लेकर राज्य विधानसभा में भी पिछले सत्र के दौरान सवाल किए गए थे।

इसके जवाब में मिली जानकारी के अनुसार देवास भोपाल टोल रोड की लागत 426.64 करोड़ है, और सरकार ने इसे 81 करोड़ का अनुदान दिया है, इसलिए कि इस रोड पर कंपनी को योजना में हानि होगी ।

इस प्रकार वास्तविक लागत 345.64 करोड़ है और जून 2026 तक यह 2117.89 करोड़ टोल वसूल चुकी है, जो लागत के 6 गुना से भी ज्यादा है । इतने लाभ के बाद भी जून 2026 को कंपनी पर 300 करोड़ का ऋण विभाग द्वारा बताया जा रहा है और इस आधार पर उसे टोल वसूलने की छूट दी जा रही है।

इस संबंध में कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कंपनी काफी लाभ में बताई जाती है। अपनी लाभांश के रूप में 2019 से लगातार इनकम टैक्स तथा सोशल कम्युनिटी रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) का भुगतान कर रही है , जो लाभ की स्थिति में ही किया जाता है ।

इस कंपनी के शेयर ₹10 के हैं जिस पर 2019 से लगातार हजारों में आय हो रही है । वर्ष 2023 में इस कंपनी को ऑपरेटिंग प्रॉफिट 155.9 करोड़ और प्रति 10/- के शेयर पर 10221.35 रुपए तथा 2024 में प्रति‌ शेयर 9630.39 रुपए हुई ।

सूत्रों के अनुसार नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने फरवरी 2023 में कंपनी के 4737 का प्रति शेयर बाजार भाव 126691 तय किया । कंपनी ने निवेशक को काफी डिविडेंड दिया । 30 सितंबर 2020 को प्रति‌ शेयर 5238 रुपए, दिसंबर 2020 में 1300 रुपए प्रति शेयर, तथा 2024 में तीन टुकड़े में मिलाकर 6013.16, तथा 2025 में ₹10 के शेयर पर 2725.81 रुपए का डिविडेंड प्रति शेयर दिया।

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने‌ नोएडा ब्रिज टोल रोड पर dec 20/2024 को दिए फैसले का उल्लेख करना जरूरी है। इस फैसले के अनुसार लागत से 2 गुना टोल वसुली पर टोल वसूली को निरस्त कर दिया ।

श्री सकलेचा के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के उपरोक्त फैसले को ध्यान में रखते हुए भोपाल देवास टोल रोड पर सरकार को टोल वसूली निरस्त करना चाहिये ।

– अमिताभ पाण्डेय

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

Related Posts

मध्यप्रदेश नव निर्माण मंच: आवास से लेकर बुनियादी सुविधाओं की लड़ाई

देश के शहरी क्षेत्रों में आवास सिर्फ सिर छिपाने की जगह ही नहीं बल्कि सम्मान और सुरक्षा का आधार है। इस विचार को मध्यप्रदेश नव निर्माण मंच पिछले कई वर्षों…

वंदन, अभिनंदन के लिए याद रहेगी 13 जुलाई 2026

( अमिताभ पाण्डेय ) इन दिनों हम ऐसे समयकाल से गुजर रहे हैं जिसमें सामाजिक व्यवहार, रीति रिवाज, परंपराओं, बोलचाल की भाषा, खान पान, परिधान तक हर तरफ बदलाव देखा…