व्यापम: बीत गए 11 बरस, 212 मामले में कब पूरी होगी सीबीआई की जांच ?

भोपाल।

व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की परीक्षा में हुई गड़बड़ी को 11 साल से ज्यादा बीत गए हैं। इस गड़बड़ी के कारण कई बच्चों का भविष्य खराब हो गया। निराशा में डूबे आधा दर्जन से अधिक बच्चों ने तो आत्महत्या कर ली थी।

व्यापम में गड़बड़ी का मामला तत्कालीन विधायक पारस सकलेचा ने राज्य विधानसभा में उठाया था।

उन दिनों सड़क से सदन तक यह मामला चर्चा का विषय बना। इस मामले को लेकर प्रभावित, छात्र-छात्राओं, विपक्षी दलों ने जो विरोध प्रदर्शन किए उसे देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सी बी आई को दी गई थी।

सी बी आई ने इस मामले में जांच उपरांत बहुत से दोषी लोगों को आरोपी बनाया और उन्हें सजा दिलवाई। इस मामले में सी बी आई की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी और मामले से जुड़े सभी आरोपितों पर सख्त कार्यवाही भी नहीं हुई।

सवाल यह है कि लगभग 11 साल बीत जाने के बाद भी सी बी आई ने अपनी जांच को पूरा क्यों नहीं किया? अभी जांच पूरी होने में कितने साल और लग जाएंगे? जांच पूरी होने में जो देर हो रही है, इसका फायदा किसको मिल रहा है? ये सभी सवाल व्यापमं मामले से जुड़े हैं और पूर्व विधायक पारस सकलेचा जनहित में, छात्र -छात्राओं के हित में इसका जवाब चाहते हैं।

इस संबंध में व्यापमं घोटाले के व्हिसल ब्लोअर एवं पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने अपनी खबर से बात करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 9 जुलाई 2015 के अनुपालन में व्यापम घोटाले से जुड़े 212 आपराधिक प्रकरण, जिनमें 4 हजार 76 आरोपी नामजद थे, जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपे गए थे।

ये प्रकरण वर्ष 2005 से 2013 के बीच आयोजित 33 परीक्षाओं से संबंधित थे, जिनमें 15 प्री-मेडिकल एवं प्री-पीजी परीक्षाएं, 15 भर्ती परीक्षाएं तथा 3 पात्रता परीक्षाएं शामिल थीं। इन परीक्षाओं में लगभग 41.78 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया तथा व्यापम को 128.26 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क के रूप में प्राप्त हुए।

श्री सकलेचा ने कहा कि व्यापम घोटाला देश के सबसे चर्चित परीक्षा घोटालों में से एक रहा, जिसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई।

उस समय मध्यप्रदेश शासन ने आश्वासन दिया था कि इस घोटाले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति, चाहे उसका पद कितना भी ऊंचा क्यों न हो, उसके विरुद्ध निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जांच सीबीआई को सौंपे जाने के लगभग 11 वर्ष बाद भी अनेक प्रकरणों में जांच पूरी नहीं हो सकी है। जिन मामलों में न्यायालयों के निर्णय आ चुके हैं, उनमें भी कुल आरोपियों की तुलना में दोषसिद्धि की संख्या अत्यंत कम दिखाई देती है।

इससे जांच की प्रभावशीलता तथा न्यायिक प्रक्रिया की गति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।सी बी आई को इसका जवाब देना चाहिए ।

सकलेचा ने कहा कि जिन प्रकरण में आरोपी बरी हुए हैं , उनमें सीबीआई ने उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय में अपील करने के संवैधानिक दायित्व का निर्वाह नहीं किया।

चिंताजनक तथ्य यह भी है कि आज तक सीबीआई ने यह सार्वजनिक नहीं किया है कि 212 प्रकरणों में से कितनों की जांच पूरी हुई, कितनों में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए, कितने मामले न्यायालयों में लंबित हैं, कितनों का अंतिम निर्णय हो चुका है, तथा‌ किस-किस प्रकरण में कितने आरोपियों को दोषसिद्धि या दोष मुक्ति हुई।

सकलेचा ने कहा कि इतने बड़े सार्वजनिक महत्व के मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। सीबीआई को व्यापम घोटाले के सभी 212 प्रकरणों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी कर देश और प्रदेश की जनता को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना चाहिए।

– अमिताभ पाण्डेय

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

Related Posts

Lemon Casino – Kasyno Online Oficjalna Strona

Lemon Casino – Kasyno Online Oficjalna Strona ▶️ GRAĆ Содержимое Gry Hazardowe i Automaty Do Gier w Lemon Casino Wybór Gier w Lemon Casino Rejestracja i Logowanie w Kasynie Online…

Пинко Казино – играть в онлайн Pinco Casino – официальный сайт

Пинко Казино – играть в онлайн Pinco Casino – официальный сайт ▶️ ИГРАТЬ Содержимое Оценка бонусной программы Pinco Casino и способы начисления приветственных средств Как быстро получить бонус? Экспертный анализ…