आजादी की 80 वीं वर्षगांठ का उत्सव देश भर में परंपरागत हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में भी शासकीय और अशासकीय संस्थाओं द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उल्लेखनीय है कि रतलाम शहर में युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए काम करने वाली संस्था युवाम का मुख्यालय है। यह सामाजिक संस्था पिछले लगभग 50 वर्ष से युवाओं को रोजगार संबंधी प्रशिक्षण निःशुल्क दे रही है। इसके संचालक प्रोफेसर पारस सकलेचा हैं। वे पूर्व विधायक, पूर्व महापौर होने के साथ ही ऐसे शिक्षाविद हैं जो समाज में कर्तव्यों के लिए जिम्मेदार युवाओं की पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं।
युवाम की शाखाएं राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य प्रदेशों में भी पिछले कई वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस वर्ष स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर रतलाम के युवाम मुख्यालय में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए श्री सकलेचा ने कहा कि “आजादी का उत्सव अपने से शुरू हो और अपने पर ही खत्म हो। तामस प्रवृत्तियों, नकारात्मक विचारों और बुरे कर्मों पर विजय प्राप्त करें। देश, समाज और परिवार से जो कुछ लिया है, उसमें से कुछ लौटा सकें—तभी हम सच अर्थों में जिंदा हैं, स्वतंत्र हैं और हमें आजादी का उत्सव मनाने का अधिकार है।”

युवाम के संस्थापक-संचालक पारस सकलेचा ने युवाम सभागृह में आयोजित “स्वतंत्रता का उत्सव” समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश आजादी का 80 वां वर्ष और युवाम अपनी स्थापना के 50 वां वर्ष मना रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाम से शिक्षा प्राप्त कर सवा लाख युवाओं का रोजगार से जुड़ना निश्चित रूप से उपलब्धि है, लेकिन युवाम की वास्तविक सफलता इससे कहीं बड़ी है। सफलता यह है कि हजारों युवाओं में सेवा, संयम, श्रद्धा और (PSR—Personal Social Responsibility) व्यक्तिगत सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जागृत हुई और उन्होंने समाज के प्रति अपने दायित्व को समझा।
इस अवसर पर युवाम श्रीसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरलीधर अवतानी ने कहा कि युवाम ने जो कार्य किया है, वह कल्पना से भी परे है। पैसे की अंधी दौड़ और ग्लैमर के दौर में युवाम ने हजारों युवाओं को सेवा, संयम और श्रद्धा की दुनिया से जोड़ा है।
समारोह को समाजसेवी सुभाष जैन, बॉलीवुड फिल्म निर्देशक तारीक भट, देवानंद खत्री, धर्मेंद्र मंडवारिया, निकुंभ पुरोहित, समाजसेवी प्रकाश अग्रवाल और अभय जैन सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में रमेश रावत, कमलेश कुमावत, देवानंद खत्री, धर्मेंद्र मंडवारिया, राहुल गुप्ता, शिवम राठौर, रमेश, सुमित पोरवाल और पंकज केवलरमानी सहितअन्य ने गीत, संगीत, नाटक एवं काव्य पाठ की प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर राहुल चौधरी, विकास पोरवाल, अनुराग चौरसिया, ललाहित सिंगोदिया, कमल सोलंकी, दिलीप जैन, संजय परमार, लोकेंद्र सिंह चंद्रावत, शेख सलाउद्दीन, हितेश पंवार, अक्षय गोयल सहित युवाम परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रकवि श्री राम अवतार त्यागी की प्रसिद्ध कविता “तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित…” का सामूहिक पाठ किया और देश के लिए तन, मन और धन समर्पित करने का संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र मंडवारिया तथा आभार प्रदर्शन रमेश रावत ने किया।
– विजयलक्ष्मी पाण्डेय की रिपोर्ट





