अमेरिका ईरान युद्ध विराम के बाद क्या भारत में कम होगी तेल-गैस की कीमत?

नई दिल्ली।

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में युद्ध विराम की घोषणा हो जाने के बाद अंतराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत कम हो गई है।

अब सवाल यह है कि तेल के भाव में कमी आने के बाद क्या भारत में पेट्रोलियम पदार्थों के भाव कम होंगे? यदि केन्द्र सरकार टैक्स हटा दे अथवा टैक्स वसूली का प्रतिशत कम कर दे तो बढ़ती महंगाई से पेट्रोल, डीजल, LPG सिलेंडर उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।

सूत्रों के अनुसार इस संबंध में सीटीआई (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गैस पर टैक्स खत्म करने का प्रस्ताव भेजा है।

यदि सरकार कमर्शियल सिलेंडर पर लगने वाले 18% जीएसटी को हटाती है तो इसकी कीमत सीधे ₹317 तक कम हो जाएगी। वहीं, घरेलू सिलेंडर पर 5% टैक्स हटने से ₹43 की राहत मिलेगी, जिससे आम जनता के किचन का बजट सुधरेगा।

सीटीआई की प्रधानमंत्री से बड़ी मांग:

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) को टैक्स फ्री करने की मांग की है।

संस्था का तर्क है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है जिससे कीमतें बढ़ी हैं। टैक्स हटने से आम आदमी को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिल सकेगी।

यहां यह बताना जरूरी है कि अभी घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 5% जीएसटी (GST) वसूला जाता है, जबकि कमर्शियल सिलेंडरों पर यह दर 18% है।

वहीं, पाइप के जरिए आने वाली रसोई गैस यानी पीएनजी (PNG) फिलहाल जीएसटी के दायरे से बाहर है, लेकिन राज्य सरकारें इस पर 3% से लेकर 14.5% तक वैट (VAT) वसूलती हैं जिससे कीमतें बढ़ती हैं।

यदि सरकार घरेलू गैस सिलेंडर पर लगने वाले 5% जीएसटी को हटा देती है तो उपभोक्ताओं को सीधी बचत होगी. उदाहरण के लिए, 913 रुपये के घरेलू सिलेंडर पर करीब 43 रुपये की कमी आएगी, जिससे इसकी नई कीमत लगभग 869.52 रुपये हो जाएगी। यह छोटे परिवारों के मासिक बजट को संतुलित करने में सहायक होगा।

व्यापारियों को कमर्शियल सिलेंडर पर राहत:

होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर पर 18% जीएसटी लगता है. वर्तमान में इसकी कीमत 2078.50 रुपये है।

टैक्स हटने पर इसकी कीमत में लगभग 317 रुपये की भारी कटौती होगी, जिससे यह 1761.44 रुपये का पड़ेगा। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है।

पीएनजी पर वैट हटाने का दबाव:

सीटीआई ने पीएनजी पर लगने वाले वैट (VAT) को पूरी तरह खत्म करने की वकालत की है। चूंकि पीएनजी राज्यों के अधीन है, इसलिए अलग-अलग शहरों में इसकी कीमतें भिन्न होती हैं।

वैट हटने से पाइप वाली गैस सस्ती होगी जिससे अधिक लोग प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन को छोड़कर पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

– विजयलक्ष्मी पाण्डेय

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

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