नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य में गंभीर लापरवाही और कदाचार की शिकायत पर चुनाव आयोग ने कड़ा एक्शन लिया है। आयोग ने 5 जिलों के 7 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (AERO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
मुर्शिदाबाद जिले के सुती, फरक्का व समशेरगंज विधानसभा क्षेत्रों, 24 परगना जिले के कैनिंग पुरबा विधानसभा, जलपाईगुड़ी के मायानगरी और पश्चिम मेदिनीपुर जिले के देबरा विधानसभा क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात AERO’s को कदाचार, लापरवाही और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आयोग ने संबंधित कैडर नियंत्रक प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ बिना देरी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर आयोग को अवगत कराया जाए। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने अनुशासनहीनता के आरोपों को गंभीर मानते हुए इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र लिखा था।
वहीं सात अधिकारियों को निलंबन के साथ ही, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करने के लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। यह पत्र 9 फरवरी के निर्देश का पालन करने के लिए भेजा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए, चुनाव आयोग ने राज्य को जमा हुए ‘फॉर्म 7’ का जल्द से जल्द निपटारा करने को कहा है। आयोग का निर्देश है कि सीईओ और डीईओ कार्यालयों में जमा हुए ‘फॉर्म 7’ को आज ही ERO और AERO के पास भेजना होगा।







