गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में ‘बाल प्रबोधन सत्र’ की शुरुआत, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर

भोपाल।अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन एवं गायत्री शक्तिपीठ भोपाल के नेतृत्व में रविवार को गायत्री शक्तिपीठ परिसर में बाल प्रबोधन सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में संस्कार, नैतिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे पंजीयन एवं स्वास्थ्य परीक्षण से हुआ, जिसमें 60 से अधिक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक चले सत्र में बच्चों को योग-प्राणायाम, शारीरिक गतिविधियाँ, खेल-खेल में सीखने के नवाचार, प्रेरक कहानियाँ और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से जीवन के मूल्यों से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम में भजन, खेल गतिविधियों और रोचक शिक्षाप्रद कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को संस्कारवान जीवन और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रेरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि नई पीढ़ी में सकारात्मक सोच, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित हो सके।

इस आयोजन को सफल बनाने में युवा प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। युवा प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक डॉ. दयानंद समेले, जिला सह-समन्वयक अनमोल पाठक, पंकेश जी, गोपाल जी, मदन समेले जी, मयंक केशरी सहित पूरे युवा प्रकोष्ठ के सदस्यों के सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ।

आयोजकों ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से इन सत्रों में भेजें, ताकि “संस्कारवान बालक – उज्ज्वल भविष्य की पहचान” के संकल्प को साकार किया जा सके और आज का यह प्रयास कल के स्वर्णिम भारत की नींव बने।

— अभिषेक परमार

Editor

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