उत्तर प्रदेश विधानमंडल में जारी बजट सत्र का आज समापन हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विधानसभा में हुई चर्चा में हिस्सा लिया। श्री योगी ने 9,12,696 करोड़ रुपये के इस बजट को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को दसवां बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने बॉटम थ्री राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश के टॉप थ्री राज्यों में स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रति परसेप्शन में देश-विदेश में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन स्पष्ट नीति, शुद्ध नीयत और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लीकेज रोके, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया और वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में निवेश से रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा आज यूपी को ट्रस्ट टेक्नोलॉजी और ट्रांसफॉर्मेशन से नई पहचान मिली है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सदन के संचालन के लिए अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दो सप्ताह तक चले बजट सत्र में महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण से लेकर विभिन्न नियमों के अंतर्गत उठाए गए विषयों और बजट पर विस्तृत चर्चा तक, सभी मुद्दों पर सार्थक विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था के रूप में विधानसभा की गरिमा और जिम्मेदारी का प्रमाण है।
इसके पूर्व प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने बेरोजगारी और महंगाई मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वाकआउट किया। वहीं विधान परिषद में आज समाजवादी पार्टी ने शिक्षामित्रों का मुद्दा उठाया । बेसिक शिक्षा मंत्री सन्दीप सिंह ने कहा सरकार शिक्षा मित्रों के के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है। मानदेय बढ़ाने के लिए मंत्रिपरिषद में प्रस्ताव रखा जायेगा और मंत्रिपरिषद ही इस पर निर्णय करेगी।







