भोपाल।
युवाओं को रोजगार संबंधी मार्गदर्शन देने वाली देश – प्रदेश की प्रमुख संस्था युवाम के संचालक, संस्थापक और पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने आरोप लगाया है कि सरकार नीट परीक्षा के छात्रों से रेल सुविधा के नाम पर ज्यादा पैसा वसूल कर रही है।
जो छात्र नीट की परीक्षा देने के लिए रेल से आएंगे-जाएंगे उनको आम दिनों की रेलयात्रा में लगने वाले किराए से ज्यादा किराया देना होगा। ऐसा करना छात्र-छात्राओं से पैसे की लूट है।
श्री सकलेचा ने उक्त आशय का आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे ने हाल ही में नीट परीक्षा के लिए स्पेशल रेल गाड़ी चालू की है। इससे परीक्षार्थी अपनी परीक्षा देने जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सामान्यतः इंदौर से भोपाल, बड़नगर, रतलाम, उज्जैन की यात्रा जो कि लगभग 399 किलोमीटर की है, इसका एक्सप्रेस ट्रेन में स्लीपर का किराया डेढ़ सौ रुपया लगता है।
नीट की स्पेशल ट्रेन में इंदौर से भोपाल के लिए या इस रास्ते किसी भी अन्य स्टेशन से बैठो तो उसका किराया 350 रुपए छात्र-छात्राओं को देना पड़ेगा।
यदि कोई छात्र रतलाम से उज्जैन से या सीहोर से इस ट्रेन में बैठे और वह केवल 30 किलोमीटर की यात्रा करेगा तो भी उसे ₹350 किराया स्लीपर का देना पड़ेगा। यह कैसे उचित है?
श्री सकलेचा के अनुसार नीट परीक्षा के लिए 20 जून तारीख को बच्चे जाएंगे, 21 जून को उनकी नीट की परीक्षा होगी तो वापस आने के लिए रेलवे ने जो है जो ट्रेन चलाई है उसकी तत्काल समय पर व्यवस्था नहीं है।
नीट के लिए स्पेशल ट्रेन 20 जून की शाम को 7:40 पर भोपाल से वापस आ जाएगी जबकि परीक्षा 21 जून को होगी। ऐसे में 21 जून को परीक्षा के बाद स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई ?
श्री सकलेचा ने कहा कि रेलवे में अधिकारियों की तानाशाही और कुप्रबंधन के कारण परीक्षार्थियों को ज्यादा पैसा देना पड़ेगा और भारी असुविधा होगी।
श्री सकलेचा ने कहा कि यह कुप्रबंध रेलवे से लेकर नीट की परीक्षा के आयोजन तक में देखा जा रहा है। इसी कुप्रबंधन के कारण लगभग 23 लाख नीट के परीक्षार्थी बच्चों का भविष्य बिगड़ रहा है। सरकार ने छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। कई छात्र छात्राओं ने आत्महत्या कर ली, उसके लिए जिम्मेदार कौन है ?
श्री सकलेचा ने कहा कि इस मामले में देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
– अमिताभ पाण्डेय





