भोपाल।
ये फोटो आज दिनांक 16 मई 2026 की है, जब इन्दौर में रेसीडेंसी कोठी पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर की सौजन्य भेंट हुई।
राजनीतिक विचारधारा अलग-अलग होते हुए भी दोनों जनप्रतिनिधि जिस आत्मीय भाव से मिले वह देखने लायक था। दोनों की बात मुलाकात से यह जाहिर हुआ कि विचारों में भिन्नता होने के बाद भी राजनीति में सद्भावना और सम्मान का बड़ा महत्व है।
यह सौजन्य भेंट उन कार्यकर्ताओं को जरूर प्रेरणा देगी जो राजनीति में विरोधी दल के नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 16 मई 2026 को इंदौर के रेसीडेंसी कोठी में रुके थे। उनसे मिलने बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता से पहुंच गए। श्री सिंह ने सभी कांग्रेसजनों से बातचीत की।
इसी बीच वहां भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर भी पहुंच गईं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सनातन धर्म को लेकर चर्चा करने लगीं। तभी दिग्विजय सिंह भी वहां आ गए। उन्होंने भाजपा नेत्री से सनातन धर्म के बारे में चर्चा का शुरू कर दी।
श्री सिंह ने सुश्री ठाकुर से कहा, ” मैं सनातन धर्म को मानने वाला हूं। आप तो पहले हिंदू, हिंदू करती थीं। मेरे कहने पर ही आपने सनातन को स्वीकार किया। “श्री सिंह ने सुश्री ठाकुर से कहा कि मैं जितना सनातनी हूं…. “तुमने नर्मदा परिक्रमा की है क्या? तुम एकादशी का व्रत करती हो क्या?” इस पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने नहीं में सिर हिलाया। सुश्री ठाकुर ने जवाब देते हुए श्री सिंह से कहा कि आप बड़े भाई है और व्यक्तिगत रूप से पक्के सनातनी हैं पर सार्वजनिक रूप से नहीं स्वीकार करते। इस पर श्री सिंह ने कहा कि सार्वजनिक रूप से ही तो कह रहा हूं।
दोनों नेताओं के बीच जब यह चर्चा चल रही थी तो उनके समर्थकों ने इसे बड़े रुचिकर अंदाज में सुना। अब इस सौजन्य भेंट की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है।
– अमिताभ पाण्डेय





