सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि सरकार ने मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाली भ्रामक खबरों और डीप फेक से निपटने संबंधी तंत्र को सशक्त बनाया है। राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में श्री वैष्णव ने कहा कि मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्राामक सामग्री से निपटने संबंधी व्यापक वैधानिक और संस्थागत ढांचा पहले से ही उपलब्ध है। श्री वैष्णव ने कहा कि डिजिटल मीडिया पर समाचार और करेंट अफेयर्स के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के अंतर्गत आचार संहिता दी गई है। श्री वैष्णव ने कहा कि टीवी चैनल केबल टेलीविजन नेटवर्क (नियमन) अधिनियम के अंतर्गत कार्यक्रम संहिता का पालन करते हैं। कार्यक्रम संहिता अश्लील, मानहानि करने वाले, जानबूझकर झूठी जानकारी देने वाली या भ्रामक संकेत और अर्ध-सत्य वाली सामग्री को प्रतिबंधित करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से संबंधित भ्रामक खबरों की जांच करने के लिए पत्र सूचना कार्यालय के अंतर्गत तथ्य जांच इकाई स्थापित की गई है। श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार उन संस्थाओं और भरोसे को मजबूत कर रही है जो समाज की आधार शिला हैं।
आदिवासी बच्चों की मौत से स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठते सवाल!
रिपोर्ट:- सतीश भारतीय मध्यप्रदेश के बालाघाट में बीमारियों से आदिवासी बच्चों की मौतें बढ़ रही है। बच्चों की मौतें जून माह से शुरू हुई। पहले मौत का आंकड़ा 8 सामने…






