– अमिताभ पाण्डेय
देश दुनिया में सत्य अहिंसा शांति की भावना को बढ़ाने वाले जैन धर्म के अनुयायी 9 अप्रैल को विश्व णमोकार महामंत्र दिवस समारोह पूर्वक मनाएंगे। इस मौके पर पूज्य गुरुदेव की निश्रा में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।
उल्लेखनीय है कि णमोकार मंत्र सुख शांति को बढ़ाने वाला महामंगलकारी और समृद्धि दायक मंत्र है। इसमें पांच पद 35 अक्षर हैं यह 84 लाख महामंत्रों का राजा माना जाता है। इसके जप से, श्रवण से शांति, समृद्धि और आनंद बढ़ता है।
जनश्रुति के अनुसार भगवान पार्श्वनाथ ने यह मंत्र नाग-नागिन को सुनाया था, जो कि बाद में धारणेन्द्र और पद्मावती नामक देवता बने। इन्होंने देव स्वरूप में रहते हुए भगवान पार्श्वनाथ की साधना को असुरों से निर्विघ्न बनाया।
णमोकार महामंत्र की महिमा और इसके महत्व के बारे में भोपाल निवासी सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जैन ने स्वरचित कविता लिखी है :
” नवकार मंत्र ने अखिल विश्व को आत्म शुद्धि का मंत्र दिया
विनय . भक्ति . श्रद्धा से पूरित नव देवों को नमन किया ।
नवधा भक्ति ‘ नवरत्न सदा ही नव – नव का गुणगान करें
प्रकृति विहंसती जब नव पल्लव धारण कर हर वृक्ष हंसे
नमन हमारा तीर्थंकर को जिनका शासन आज चले
ऐसे जिनवर महावीर कोसबका मस्तक सदा झुके । “


इस कविता के साथ ही भोपाल के समाजसेवी और विभिन्न अंक वाले नोट का संग्रह करने के शौकीन सुधीर जैन पंड्या ने णमोकार मंत्र दिवस के अवसर पर वे 10 रुपए और एक रुपए वाले, दो नोट प्रदर्शित किए हैं, जिनके अंक में विश्व णमोकार महामंत्र दिवस की दिनांक 9 -04 – 2026 तारीख का उल्लेख है।
विश्व णमोकार महामंत्र दिवस के अवसर पर भोपाल में भी जैन संतों का अभिनंदन किया जाएगा। इस समय जब दुनिया में अनेक देशों के लोग युद्ध से परेशान हैं ऐसे में महावीर स्वामी का अहिंसा का संदेश बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
णमोकार मंत्र का संदेश किसी एक धर्म या समाज के लिए नहीं बल्कि यह पूरी दुनिया के लोगों के लिए है।
ऐसा माना जाना चाहिए कि दुनिया भर में जो लोग शांति, प्रेम और आनंद के साथ प्रगति के पक्षधर हैं उन सबका विश्वास णमोकार मंत्र में है।
ऐसे लोग भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा के सिध्दांत का पालन करने के लिए वचनबद्ध हैं। युद्ध, तनाव से परेशान दुनिया को अभी अहिंसा और प्रेम की बड़ी जरूरत है।





