भोपाल।
साहित्य , समाज , सद्भाव को समर्पित सामाजिक संस्था भारतीय टोपी संघ की गतिविधियां अपने विविध आयोजनों के लिए सदैव चर्चा में बनी रहती हैं।
ये गतिविधियां समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनती रही हैं, जिनसे जुड़कर युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व का विकास होता है। इस तरह की गतिविधियों के आयोजन का सिलसिला 80 के दशक से शुरू हुआ और अब तक लगातार चल रहा है।
ऐसा ही एक आयोजन आज 11 जनवरी 2026 को राजगढ़ जिला मुख्यालय पर हुआ।

भारतीय टोपी संघ के सदस्यों ने आज राजगढ़ में साहित्यकार संजय सक्सेना की दूसरी पुस्तक का आत्मीय समारोह में विमोचन किया। यह पुस्तक अपने अंदर दोस्तों के ऐसे प्रसंग समेटे हुए है जिनसे बेहतर सबक सीखे जा सकते हैं।
इस किताब में लेखक संजय ने अपनी कहानियों के लिए जो किरदार चुने वे उनके अपने दोस्त, सहकर्मी या आसपास रहने वाले लोग ही हैं।
हर बात – मुलाकात को संवेदनशीलता के साथ समझने वाले साथी संजय ने इन लोगों से हुई बातचीत, घटनाएं, जीवन के सुख दुख के अनुभव को किताब के रूप में तैयार किया है। इस किताब का एक एक पन्ना पढ़ना रुचिकर है।
जब आप पढ़ने लगते हैं तो डायरी का आखिरी पन्ना खत्म हो जाता है लेकिन इसकी कहानियां याद रहती हैं।
इस पुस्तक का विमोचन संघ के समन्वयक, शिक्षाविद् सुरेंद्र सिंह उमठ ने किया। इस अवसर पर भारतीय टोपी संघ के सदस्यों के साथ ही बड़ी संख्या में साहित्यिक प्रेमी, समाजसेवी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लेखक संजय सक्सेना का सम्मान किया गया।
यहां यह बताना जरूरी होगा कि भारतीय टोपी संघ एक अराजनीतिक और सामाजिक संगठन है। इसका गठन वर्ष 1980 के दशक में किया गया था।
संघ द्वारा शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक रचनात्मक गतिविधियों का संचालन लगातार किया जाता रहा है।
इन गतिविधियों से जो साथी जुड़े वे समाज, सरकार, राजनीति, प्रशासन, व्यवसाय, पत्रकारिता, सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी गरिमामय पहचान बनाते हुए जीवनपथ पर आगे बढ़ रहे हैं।
आज के आयोजन में संघ के सदस्यों सर्व श्री इरशाद अली, मनोज हाड़ा, शाहिद प्रहरी सहित अन्य साथियों ने भी पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किये।

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में शिक्षाविद् सुरेंद्र सिंह उमठ ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से पुस्तक के लेखक और आयोजन में शामिल साथियों का उत्साह वर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन पीयूष शर्मा द्वारा किया गया। श्री पीयूष भारतीय टोपी संघ के संस्थापक सदस्यों में प्रमुख हैं।
उन्होंने शासकीय सेवा के दौरान शिक्षक का दायित्व निभाने के साथ ही अनेक छात्र छात्राओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण देकर प्रतिभावान खिलाड़ियों के रूप में तैयार किया। उनकी कोचिंग में राजगढ़ जिले को खेल प्रतियोगिताओं में अनेक पुरस्कार मिले हैं।
आज पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान सर्व श्री प्रदीप चौहान, दिलीप चौहान, कमलेश कुसुम्बिया, राकेश सक्सेना, हरिओम दुबे, स्वयं प्रकाश शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव, अविनाश ओझा, मुन्ना चौरसिया, हरिओम बैरागी, मुकेश विजयवर्गीय, दीपक विजयवर्गीय, राजेन्द्र घोटू शर्मा, सुरेंद्र व्यास उज्जैन सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
इस आयोजन के लिए प्रमोद व्यास , राजीव दुबे, साकेत शर्मा, मुकेश नामदेव, अरुण कुमार सक्सेना, राजेन्द्र विजयवर्गीय भोपाल, अरुण पाण्डेय, हरीश विजयवर्गीय, बलराम खटनावलिया, रुपेश सिंह खींची, गिरीराज शर्मा, सतीश दुबे ने भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।
कार्यक्रम के दौरान सभी साथियों की सहमति से आगामी आयोजन की रणनीति तैयार की गई। इस कार्यक्रम की वृहद रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। कार्यक्रम के अंत में आभार राकेश सक्सेना ने व्यक्त किया।
पुस्तक विमोचन का यह समारोह राजगढ़ में चल रही शीतलहर में आत्मीयता, सद्भावना के साथ रिश्तों की गर्मी को भी महसूस करा गया।
आने वाले दिनों में भी बात- मुलाकात के दौरान राजगढ़ की चौपाल पर रिश्तों की यह गर्मी महसूस होती रहेगी।
– अमिताभ पाण्डेय







