प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्यक्तिगत कल्याण तथा सामूहिक प्रगति के लिए क्रोध के विनाशकारी स्वरूप पर नियंत्रण और आंतरिक संयम के महत्व पर बल दिया।
सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने दूरदर्शन के एक वीडियो क्लिप को संस्कृत श्लोक के माध्यम से साझा करते हुए बताया कि क्रोध किस तरह विवेक को कमजोर करता है, सामाजिक सद्भाव को भंग करता है और मानवीय क्षमता को कम करता है।





