सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन स्थित तकिया मस्जिद को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि मस्जिद के पास संबंधित जमीन का मालिकाना हक नहीं है, इसलिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने का उन्हें अधिकार नहीं है।
यह ध्वस्तीकरण महाकाल मंदिर परिसर में पार्किंग की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि ज़मीन के अधिग्रहण के लिए सामाजिक प्रभाव आकलन (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) अनिवार्य है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क से सहमति नहीं जताई।





