नई दिल्ली: नेपाल में नई सरकार के गठन के लिए 5 मार्च को होगा मतदान। मतदान से पहले देशभर में चुनाव प्रचार थम चुका है। नेपाल के चुनाव आयोग ने इलेक्शन कोड ऑफ कंडक्ट मॉनिटरिंग अधिकारियों को मतदान दिवस तक आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आचार संहिता के तहत 2 मार्च की आधी रात से राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी लागू है। साइलेंस पीरियड के दौरान मतदाताओं को अपने पसंदीदा उम्मीदवार के चयन पर विचार करने का समय मिलता है।
देश में कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष मतदान होगा, जबकि 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुने जाएंगे। इस प्रकार संसद में कुल 275 सदस्य होंगे।
नेपाल में करीब 1 करोड़ 89 लाख मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 96 लाख पुरुष और 92 लाख महिलाएं शामिल हैं। मतदान के लिए 10 हजार 967 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
5 मार्च को होने वाले इस चुनाव में 68 राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों सहित कुल 3,484 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।




