जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि समस्त प्रकार के कर्मचारियों को प्रत्येक माह की एक तारीख को वेतन प्रदान करने के लिए आई.एफ.एम.आई.एस. के माध्यम से केन्द्रीकृत वेतन प्रोसेसिंग की सुविधा विकसित की गई है। इससे प्रत्येक डी.डी.ओ. को पृथक से पेरोल जनरेशन का कार्य नही करना होगा तथा आवश्यक संशोधन पेरोल में करते हुए देयक लगाए जा सकेंगे। इस प्रकार वेतन आहरण में समयबद्धता तथा त्वरित गति सुनिश्चित की जा सकेगी। दिसंबर 2025 के वेतन इस प्रकिया से ही किया जावेगा। इस सम्बन्ध में विस्तृत प्रक्रिया के लिए 19 दिसंबर को जिला योजना भवन मण्डला में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।
मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 11 और 12 जनवरी को होगी
ApniKhabarभोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘विकसित एम.पी. @2047’विज़न को सकारात्मक गति देने और अधिक सुदृढ़ करने के साथ ही स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को अगले स्तर तक ले जाने के…





