जयपुर, 14 मार्च।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश की आजादी के बाद छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों ने मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया।
उद्योग, व्यापार और रोजगार में वैश्य समाज का योगदान किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हस्तशिल्प, रत्न-आभूषण, वस्त्र और खाद्य उद्योग में इस समाज की मेहनत और दूरदर्शिता की झलक मिलती है।
शर्मा शनिवार को भांकरोटा में अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विकसित भारत 2047 और विकसित राजस्थान 2047 का लक्ष्य वैश्य समाज के विकास और सहयोग के बिना अधूरा है। उन्होंने युवाओं से उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील करते हुए कहा कि ‘युवा नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें’।

उन्होंने कहा कि 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने के वादे को हमारी सरकार पूरा कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश में अब तक सवा लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। वहीं, 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में एक लाख पदों की जगह सवा लाख पदों पर भर्ती के लिए कैलेण्डर जारी करने की घोषणा भी की गई है।
युवा नीति जारी कर प्रदेश के युवाओं को उद्योग क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। ओडीओपी योजना से हर जिले में उद्योग मजबूत बन रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिल रहा है। इससे पहले शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग और क्षेत्र के विकास का रोडमैप बनाकर काम कर रही है।
रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर, देवास परियोजना सहित अन्य पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं पर प्राथमिकता से काम किया गया है। राज्य सरकार उद्योगों को भी पर्याप्त पानी देने के लिए काम कर रही है। इसी प्रकार, ऊर्जा के क्षेत्र में 8 हजार 261 मेगावाट की उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है।
फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक सम्पूर्ण प्रदेश में किसानों को दिन में बिजली दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता और अथक परिश्रम के कारण 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, रेवती नक्षत्र और इन्द्रयोग में वृहद् राजस्थान की स्थापना हुई थी। इसीलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही राजस्थान दिवस मनाया जाएगा।

इस वर्ष 19 मार्च को मनाया जाने वाला यह दिवस राजस्थान की आत्मा, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का उत्सव है। इससे पहले महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, सांसद मदन राठौड़, दामोदर अग्रवाल, विधायक कालीचरण सराफ सहित अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।





