Rulet masalarında minimum bahis miktarı genellikle düşüktür, bahsegel giriş her bütçeye uygun seçenekler sağlar.

Yeni üyelere özel hazırlanan bahsegel kampanyaları büyük ilgi çekiyor.

Online oyun dünyasında güvenilirliğiyle öne çıkan bahsegel kalitesini kanıtlamıştır.

Spor tutkunları canlı karşılaşmalara pinco üzerinden yatırım yapıyor.

Bahis severlerin ihtiyaçlarına göre sürekli yenilenen bettilt kullanıcı dostudur.

व्यापमं घोटाले में सुप्रीम कोर्ट का सीबीआई और राज्य शासन को आदेश

नई दिल्ली।

 सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और राज्य शासन को आदेश दिया कि वह पूर्व विधायक और शिक्षाविद् पारस सकलेचा द्वारा व्यापम घोटाले पर की गई शिकायत संबंधी जांच और चार्जशीट की स्पष्ट जानकारी, विस्तार से उल्लेख करते हुए शपथ पत्र सहित दाखिल करें । 

श्री सकलेचा द्वारा व्यापंम घोटाले पर उनकी शिकायत पर कार्यवाही नही होने को लेकर  इन्दौर उच्च न्यायालय  में दाखिल पिटीशन को खारिज किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य शासन तथा सीबीआई को नोटिस जारी किया गया था। दोनों द्वारा जवाब नहीं देने पर न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा तथा माननीय न्यायाधीश एन वी अंजारिया की खंडपीठ ने सीबीआई तथा राज्य शासन को आदेश दिया कि श्री सकलेचा की शिकायत पर अभी तक की गई जांच तथा चार्जशीट पर विस्तार से स्पष्ट जानकारी देते हुए शपथ पत्र पेश करें । 

 श्री सकलेचा की ओर से वरिष्ठ अभिभाषक विवेक तंखा, सर्वम रितम खरे, विपुल तिवारी तथा इंद्रदेव सिंह एवं शासन की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल श्रीधर पोटराजू, सीबीआई की ओर से दविंदर पाल सिंह ने न्यायालय में  पक्ष रखा ।

उल्लेखनीय है कि पीएमटी परीक्षा एवं अन्य परीक्षाओं में  अनियमितता को लेकर एसटीएफ द्वारा 27 नवंबर 2014 को  समाचार पत्रों में जारी विज्ञापन पर श्री सकलेचा ने दस्तावेज‌  सहित शिकायत 11 दिसंबर 2014 को पेश की ।

 सुप्रीम कोर्ट द्वारा जून 2015 में व्यापम‌  घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा कराए जाने के आदेश पर श्री सकलेचा ने 14 जुलाई 2015 को नई दिल्ली में सीबीआई को दस्तावेज सहित 320 पेज‌ की शिकायत की ।

सीबीआई ने फरवरी 2016 में तथा एसटीएफ ने फरवरी 2015 तथा जून 2015 में सकलेचा के बयान दर्ज किए ।

सीबीआई ने 27 मई 2015 को श्री सकलेचा की शिकायत को कार्रवाई करने के लिए मुख्य सचिव को भेज दिया ‌।  एसटीएफ ने 22 जून 2015 को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखकर  14 बिंदु पर जवाब मांगा ।

एसटीएफ ने 11 सितंबर से 13 सितंबर 2019 तक सकलेचा के बयान पुनः दर्ज किये । 

सीबीआई, एसटीएफ तथा मुख्य सचिव द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर श्री सकलेचा द्वारा 2023 मे  इंदौर हाई कोर्ट में  दायर पिटीशन को न्यायालय ने अप्रैल 2024 में इस आधार पर खारिज किया कि श्री सकलेचा प्रभावित पक्ष नहीं है। हाई कोर्ट के आदेश को श्री सकलेचा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी । 

सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई अब 16 अप्रैल 2026 को होगी ।

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

Related Posts

Casino uden Rofus i Danmark – din guide til sikkerhed, bonusser og hurtige udbetalinger

Hvad betyder “casino uden Rofus”? Baggrund om Rofus-systemet Sådan vælger du et sikkert casino uden Rofus Licens og sikkerhed Betalingsmetoder og udbetalingshastighed Registrering og verifikation i et casino uden Rofus…

Casino uden Rofus – Sådan gennemfører du registreringen enkelt og sikkert

Registrering og verifikation – Sådan kommer du i gang Bonusser og velkomsttilbud – Hvad kan du forvente? Betalingsmetoder og udbetaling – Hvor hurtigt kan du få dine penge? Spiludvalg: Live…