धर्मशाला
भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश को देव भूमि और वीर भूमि बताते हुए कहा कि राज्य ने देश की सशस्त्र सेनाओं को महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं तथा आतिथ्य के लिए पूरे देश में विशेष पहचान बनाई है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों को फैकल्टी डेवलपमेंट को प्राथमिकता देने, नवाचार को बढ़ावा देने और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कार्य करना चाहिए, ताकि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सके।

उन्होंने विकसित भारत 2047 के विज़न का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में युवा और छात्र सबसे महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उन्होंने समावेशी विकास पर जोर देते हुए कहा कि विकास की इस यात्रा में कोई भी राज्य या समाज का कोई भी वर्ग पीछे नहीं रहना चाहिए।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता प्रदेश के कृषि मंत्री ,प्रो. चंद्र कुमार चौधरी, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा और शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





