( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सनातन धर्म का मूल उद्देश्य प्रेम, सत्य, सद्भाव, करुणा और दया है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा सांप्रदायिक सद्भाव के पक्षधर रहे हैं और कभी अपने इस विचार से नहीं डिगे।
श्री सिंह ने यह विचार सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के छठवें दिन शाजापुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाता है, जबकि धर्मांधता नफरत और कटुता को जन्म देती है।
उनकी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 25 अक्टूबर 2026 को शाजापुर पहुंची थी। वहां पत्रकार वार्ता में श्री सिंह ने कहा कि सनातन धर्म में प्रेम, सद्भाव, करुणा और दया का संदेश है।
उन्होंने कहा कि सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य भी प्रेम, सद्भाव और सत्य के मूल्यों को सामने लाना है। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को भी इन मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि सभी धर्मों का सम्मान और सामाजिक सद्भाव भारतीय समाज की बुनियादी विशेषताएं हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान राम उनके इष्ट देव हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों को प्रमुखता दी गई।
उन्होंने सवाल किया कि विश्व हिंदू परिषद को हिंदू धर्म का ठेकेदार किसने बनाया।उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि आवंटन और ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं।



