( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल।
धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता, सनातन परंपरा के सम्मान और लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा का संदेश लेकर सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा सोमवार 26 अक्टूबर 2026 को राजगढ़ जिले में प्रवेश करेगी।
यात्रा के तहत दिग्विजय सिंह शाजापुर से पदयात्रा शुरू कर राजगढ़ जिले के सारंगपुर नगर पहुंचेंगे। इस दौरान वे साधु-संतों और अन्य सहभागियों के साथ पदयात्रा करते हुए सनातन धर्म के मूल आदर्शों, धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता और लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ेंगे।
सारंगपुर नगर में संत समाज, विभिन्न धर्म – समुदाय के प्रतिनिधियों, कांग्रेसजनों और स्थानीय नागरिकों दिया सभी पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया जाएगा। शहर में इसके लिए बैनर, होर्डिंग्स लगाने के साथ ही विशेष साज सज्जा की गई है।
सारंगपुर नगर में श्री सिंह पत्रकारों से चर्चा करेंगे। इस अवसर पर स्थानीय प्रेस क्लब की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री का समारोह पूर्वक अभिनंदन किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार सुबह 8 बजे शाजापुर के एबी रोड स्थित वाटर पार्क से पदयात्रा प्रारंभ होगी।
यहां से यात्रा उकावता बल्डी और कशिश रेस्टोरेंट होते हुए आगे बढ़ेगी। दोपहर 1 बजे भोजन एवं विश्राम का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद दोपहर 3 बजे यात्रा सारंगपुर नगर पहुंचेगी और बस स्टैंड क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ेगी। शाम 6 बजे पदयात्रा का विश्राम होगा। रात्रि भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था सारंगपुर स्थित राठी मांगलिक परिसर में की गई है।
रात्रि विश्राम के बाद 27 अक्टूबर 2026 को पदयात्रा सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुलावता , धामंदा, आमलारोड, चिडलावनिया से खुजनेर की ओर बढ़ेगी ।
खुजनेर शहर की मेडतवाल धर्मशाला में पदयात्रियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी। यह पदयात्रा राजगढ़ जिला मुख्यालय होते हुए गुना जिले में प्रवेश करेगी ।
पदयात्रा को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि कि राजगढ़ संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुई थी।
यात्रा ओरछा स्थित श्री रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। करीब 930 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के जरिए दिग्विजय सिंह धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा, सामाजिक सद्भाव और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर लोगों से संवाद कर रहे हैं।

