Tuesday, 13 October 2026
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संगीत, साहित्य और नृत्य‌ से निखरेगा युवाओं का व्यक्तित्व : सकलेचा

Gazal Evening

रतलाम।

साहित्य, संगीत और नृत्य युवाओं के व्यक्तित्व को निखारता है।  सोचने, समझने और याद करने की शक्ति बढ़ाता है। व्यक्तित्व को पॉजिटिव करने के‌‌ साथ साथ उनमें संवेदना का विस्तार करता है। यह बात युवाम संस्थापक एवं संचालक शिक्षाविद् पारस सकलेचा ने कही। 

वे युवाम द्वारा नव वर्ष पर आयोजित शाम-ए-ग़ज़ल कार्यक्रम में उपस्थित संगीत-प्रेमियों को संबोधित रहे थे।

श्री सकलेचा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में ज्ञान से ज्यादा कला का महत्व है। कला के विकास के लिए युवाम पिछले 50 साल‌ से साहित्य, संगीत और नृत्य पर आधारित विभिन्न आयोजन करता रहा है।

युवाम रतलाम के संचालक धर्मेंद्र मंडवारिया ने बताया कि ऐतिहासिक गुलाब चक्कर में शाम-ए-ग़ज़ल का आयोजन किया गया। इसमें युवाम के वरिष्ठ सदस्य तथा प्रसिद्ध गायक कलाकार नयन सूभेदार के साथ अशफ़ाक़ जावेदी, जलज शर्मा तथा अल्फिया खान द्वारा मशहूर ग़ज़ल गायक मेहंदी हसन, गुलाम अली, जगजीत सिंह, आशा भोंसले, अहमद हुसैन, मोहम्मद हुसैन तथा दानिश अलीगढ़ी की गजलों का गायन किया गया । 

इस अवसर पर पर्यावरणविद खुशाल सिह पुरोहित, डा हमीर सिंह राठौर जावरा, युवाम श्री संघ के देवांनंद खत्री, प्रकाश अग्रवाल, कमलेश कुमावत, राजेश दुबे, रमेश रावत, जावेद दानिश अलीगढ़ी, पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान, अल्पेश नागौरी , मितेश भरकुंदिया, मुशीर एहमद रेहमानी, नीलू अग्रवाल, पियूष बाफना, सहित कई ग़ज़ल प्रेमी उपस्थित थे ।

कार्यक्रम का संचालन रमेश रावत एवं आभार प्रदर्शन‌ राजेश दुबे ने किया।

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