भोपाल। सुप्रीम कोर्ट मे व्यापम घोटाले पर सुनवाई में न्यायाधीश प्रशांत किशोर मिश्रा तथा न्यायाधीश एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने की 23 मार्च 26 को सुनवाई का आदेश दिया ।
उल्लेखनीय हैं कि व्यापम महाघोटाले को उजागर करने में व्हीसल ब्लोअर पारस सकलेचा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने नवंबर 2014 में एसटीएफ द्वारा आम जनता से व्यापम घोटाले पर 15 दिन में सप्रमाण आवेदन करने के विज्ञापन पर संज्ञान लेकर 120 पृष्ठ का आवेदन तथा 370 पृष्ठ के दस्तावेज सहित शिकायत की थी । अक्टूबर 2017 में पहली बार बयान हुए।
सितंबर 2019 में दूसरी बार तीन दिन में 13 घंटे तक बयान हुए । उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने , तथा कार्रवाई प्रचलन में है , जवाब से असंतुष्ट होकर पारस सकलेचा ने इंदौर हाई कोर्ट में पिटीशन दायर की थी । न्यायालय ने लोकस स्टेन्डाइ के आधार पर पिटीशन इसलिए खारिज कर दी कि पारस सकलेचा पीड़ित पक्षकार नहीं है । उच्च न्यायालय इंदौर के आदेश के विरुद्ध माननीय सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की , जिस पर सुनवाई की प्रक्रिया प्रचलन में है ।
सुप्रीम कोर्ट में व्यापम घोटाले की सुनवाई पर पिटीशनर पारस सकलेचा की ओर से वरिष्ठ अभिभाषक विवेक तंखा , सर्वम रीतम खरे , विपुल तिवारी , इंद्रदेव सिंह तथा शासन की ओर से अभिभाषक सार्थक रायजादा , हरमीत सिंह रुपराह , सुश्री इला शील आदि ने बहस की । न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस को सुनने के बाद 23 मार्च को अगली सुनवाई का आदेश दिया ।
—- अमिताभ पाण्डेय





