apnikhabar.co.in

दुर्लभ व्हेल मछली के क़ीमती अवशेष को बरामद किया गया

September 13, 2026 · Editor

– साहिल पठान

बीकानेर ।

मिलिट्री इंटेलिजेंस, जोनल इंटेलिजेंस और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बीकानेर में करीब 600 ग्राम एम्बरग्रीस बरामद किया गया है। बाजार में इसकी कीमत करीब 70 लाख से एक करोड़ रुपए के बीच बताई जा रही है। कार्रवाई में तीन जनों को पकड़ा गया है, जिनमें दो नाबालिग हैं, जबकि एक बालिग आरोपी जावेद है।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी महाराष्ट्र के रत्नागिरी से एम्बरग्रीस लेकर बीकानेर में सप्लाई करने आए थे।
खुफिया इनपुट के आधार पर मिलिट्री इंटेलिजेंस और जोनल इंटेलिजेंस ने पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की।

सीओ सिटी अनुज ढाल के निर्देशन में कोटगेट थाना पुलिस की टीम ने संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से करीब 600 ग्राम एम्बरग्रीस बरामद हुआ। पुलिस ने पदार्थ को जब्त कर लिया है।


सीओ सिटी अनुज ढाल ने बताया कि मिलिट्री इंटेलिजेंस और जोनल इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई में तीन जनों को पकड़ा गया है, जिनमें दो नाबालिग हैं, जबकि बालिग आरोपी जावेद है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों के महाराष्ट्र के रत्नागिरी से एम्बरग्रीस लेकर बीकानेर आने की बात सामने आई है। पुलिस अब इसके स्रोत और आगे सप्लाई किए जाने वाले व्यक्ति के संबंध में जांच कर रही है।


कोटगेट सीआई विक्रम तिवारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 600 ग्राम एम्बरग्रीस बरामद हुआ है। बाजार में इसकी कीमत करीब 70 लाख से एक करोड़ रुपए के बीच बताई जा रही है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा रत्नागिरी से बीकानेर तक इसके पहुंचने और आगे सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।


पुलिस के अनुसार मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 38, 39, 40 और 51 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एम्बरग्रीस की अवैध खरीद-फरोख्त और कब्जा कानून के दायरे में आता है।

स्पर्म व्हेल संरक्षित वन्यजीव है और उससे संबंधित उत्पादों के अवैध कारोबार पर कार्रवाई का प्रावधान है।


एम्बरग्रीस को आम भाषा में ‘व्हेल की उल्टी’ कहा जाता है। यह स्पर्म व्हेल से संबंधित दुर्लभ प्राकृतिक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल महंगे इत्र और परफ्यूम में सुगंध को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए किया जाता है। इसकी दुर्लभता के कारण बाजार में इसकी कीमत काफी अधिक बताई जाती है।

पुलिस अब मामले में इसके स्रोत और संभावित खरीदार तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।


इस बारे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनुज ढाल सी ओ सिटी ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगामी कार्यवाही की जा रही है।

( वरिष्ठ पत्रकार साहिल पठान रक्षा संबंधी मामलों के विशेषज्ञ पत्रकार हैं , संपर्क 77288 63964 )

Related News