लखनऊ।
मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय मर्चेंट नेवी नाविकों की स्मृति में गत दिनों श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम सायं 6 बजे लखनऊ में हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा (GPO) पर आयोजित हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोगों, सामाजिक संगठनों एवं समुद्री क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत नाविकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

इस अवसर पर न्यूज टैंक्स ग्रुप के रोहित रमवापुरी ने कहा कि “मर्चेंट नेवी के नाविक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन संकट के समय इन्हें वह सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं।
सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।”अखिल भारतीय संगठन के आलोक चांटिया ने कहा कि “यह केवल एक समुद्री हादसा नहीं बल्कि एक मानवीय संकट है।
मृत नाविकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, शिक्षा और रोजगार की गारंटी मिलनी चाहिए। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा।” कैप्टन हैदर ने अपने वक्तव्य में कहा कि “मध्य पूर्व एशिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मर्चेंट नेवी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट और सख्त प्रोटोकॉल होना चाहिए। बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के जहाजों को भेजना नाविकों के जीवन के साथ जोखिम है।”

इस अवसर पर प्रतिभागियों ने सरकार से मांग की कि मृत नाविकों के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा, बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा एवं आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
सभा में यह भी जोर दिया गया कि मर्चेंट नेवी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष नीतियां बनाई जाएं तथा संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में उनके लिए ठोस सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
कार्यक्रम का समापन मौन रखकर दिवंगत नाविकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर रोहित सिंह, इंजिनियर प्रखर पाठक, इंजिनियर मनीष शर्मा, रविंद्र अजनबी व ऋषभ मौजूद रहे।
– विशाल शुक्ला





