भोपाल। नागरिक अधिकार मंच से जुड़े समाजसेवी अभय चोपड़ा ने कहा है कि टोल वसूली का अर्थ केवल शुल्क लेना नहीं, बल्कि सुरक्षित और मानक अनुरूप सड़क देना है।उन्होंने कहा कि “जनता से पैसा लेकर सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा,” ।
श्री चौपड़ा ने प्रेस को जारी वक्तव्य में मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह
मंत्री को दी खुली चुनौती देते हुए कहा कि “ मौके पर आकर सच्चाई देखें ”।
यहां यह बताना जरूरी है कि स्टेट टोल हायवे पर साईड शोल्डर के अभाव को लेकर चल रहे विवाद में नागरिक अधिकार मंच के अभय चोपड़ा ने विधानसभा में दिए गए शासन के जवाब पर तीखी प्रतिक्रिया दी ।
उन्होंने आरोप लगाया कि कागज़ों में “निर्माण एवं निरीक्षण पूर्ण” बताना और मौके पर शोल्डर का अभाव होना, जनता को गुमराह करने जैसा है।
श्री चोपड़ा ने कहा कि सड़क निर्माण के मानक Indian Roads Congress (IRC) द्वारा तय किए जाते हैं, जिनमें दो लेन सड़कों के साथ निर्धारित चौड़ाई का शोल्डर अनिवार्य है। टोल सड़क होने के कारण पक्का (Paved) शोल्डर अपेक्षित है। यदि वास्तविक स्थिति में शोल्डर मौजूद नहीं है, तो “मानक अनुसार निर्माण” का दावा संदेहास्पद है।
उन्होंने आगे कहा कि CSIR-Central Road Research Institute (CRRI) के वैज्ञानिक अध्ययनों में स्पष्ट है कि साईड शोल्डर दुर्घटना की स्थिति में रिकवरी ज़ोन देता है और सड़क की किनारी को मजबूती प्रदान करता है। ऐसे में शोल्डर का अभाव सीधे सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
अभय चोपड़ा ने माननीय मंत्रीजी को खुले शब्दों में कहा है कि यदि विधानसभा में दिया गया जवाब सही है, तो वे स्वयं मौके पर आकर निरीक्षण करें और जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
————– अमिताभ पाण्डेय





