लखनऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के सचिव जीवक कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली तथा मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में सम्पूर्ण देश में 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 का संचालन किया जा रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।उन्होंने बताया कि माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद स्तर पर यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षा माननीय जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह के कुशल निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, उपभोक्ता फोरम, भूमि अर्जन एवं भूमि अधिग्रहण पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित न्यायालयों में लंबित मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण कराया जाएगा।
राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा से संबंधित प्रकरण, चेक बाउंस के मामले, वाणिज्यिक एवं सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति के बंटवारे, बेदखली से संबंधित वादों सहित अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों एवं लंबित प्रार्थना पत्रों का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जनपद के समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि वे 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलने वाले राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने लंबित वादों के निस्तारण हेतु संबंधित न्यायालयों, कार्यालयों अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के कार्यालय में संपर्क कर मध्यस्थता की प्रक्रिया का लाभ उठाएं और शीघ्र न्याय प्राप्त करने में सहयोग करें।





