झाबुआ।
झाबुआ जिले की नगर परिषद थांदला द्वारा आज 14 मार्च 2026 को परिषद की महत्वपूर्ण बैठक होना थी।
आज यहां पंद्रह वार्डों के पार्षद अपने कार्य में इतने मशगूल थे की परिषद की बैठक में आना भी मुनासिब नहीं समझा ।
आज की बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी सुनील पणदा मुख्य नगर पालिका अधिकारी कमलेश जायसवाल इंजिनियर पप्पु बारिया, स्वास्थ अधिकारी गौरांक सिंह राठौर, सहायक लेखापाल यशदीप अरोरा सहायक इंजिनियर पारसिंह,अंशुल मौजूद थे।
मुख्य रूप से बैठक का एजेंडा कचरा ग्राउंड के रख रखाव सहित नगर में गीला एवं सूखा कचरा को वाहन में जमा कर व्यवस्थित ढंग से ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहुंचाया जाना था।
इस संदर्भ में सीएमओ कमलेश जायसवाल द्वारा समस्त पार्षदों को पत्र ज़ारी कर व दूरभाष पर बैठक संबंधी जानकारी से अवगत कराया किंतु इन जनप्रतिनिधियों ने उक्त आदेश को नजर अंदाज कर नगर के वाशिंदों के स्वास्थ के साथ साथ नगर विकास में भी विघ्न डाला है।
सीएमओ ने बताया कि पिछले अनेक वर्षों से परिषद एक स्थाई ट्रेचिंग ग्राउंड के लिये जमीन को तलाशने का कार्य कर रही है किंतु अभी तक उचित जगह नहीं मिल पाने की वजह से नगर को अत्यधिक परेशानी के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
सीएमओ ने दावा किया है की अगर संपूर्ण परिषद ये प्रयास कर ले कि सिर्फ गीला कचरा का संग्रहण अलग से हो तो सूखा कचरा को हम आसानी से इक्ट्ठा कर परिषद को एक बड़ी बचत हो सकती है।
अब सवाल यह उठता है की प्रशासनिक अधिकारी के साथ पूरा स्टाफ खड़ा है दूसरी ओर परिषद के पार्षद का नगर से मोह भंग होना क्या दर्शाता है जबकि नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी सुनील पणदा के अथक प्रयास के नतीजों के बाद भी ये पार्षद किसी भी कार्य को करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे है।
पिछले एक वर्ष में नगर में सड़क, स्वास्थ, सौंदर्यकरण के कार्य परिषद द्वारा किये गए है। सूत्रों की मानें तो अब तो जब से भाजपा की परिषद बनी है यहां पर वरिष्ठ नेताओं के आगोश में दो गुटों में विभक्त ये वार्ड पार्षद नहीं चाहते कि परिषद नगर हित में कोई कार्य करे ।
अगर मातृ शक्ति (पार्षदों) की बात की जावे तो वो दोनों गुटों का समय समय पर मान सम्मान रख देती है।
फिलहाल जनप्रतिनिधियों के चक्र जाल में फंसे इन पार्षदों के हाल बेहाल है।
कोई रंगदारी कर रहा है तो कोई पुलिस की मार से उठ नहीं पा रहा है ।
कई पार्षदों का कहना है कि चुनाव में जो खर्च हुआ था वो भी अभी तक नहीं निकला है। ऐसे में इनसे नगर विकास की बातें करना बेमानी होगी।।
बहरहाल ऐसी ही अनेकों परिषद की बैठकों से नदारद हो कर ये नगर के वाशिंदों को क्या संदेश देना चाहते है ?
आज परिषद की बैठक में राजू धानक, श्रीमती वंदना सुधीर भाबर ने सम्मिलित हो कर परिषद का, अध्यक्ष का मान बढ़ाया है।
– थांदला से सुधीर शर्मा






