भोपाल: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) वर्ष 2016 से विशिष्ट विषयों पर आधारित वित्तीय साक्षरता सप्ताह (FLW) प्रतिवर्ष मना रहा है, जिसका उद्देश्य जनता के विभिन्न वर्गों तक पहुंचना है। इसी क्रम में, वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 का आयोजन 9 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक विभिन्न राज्यों में किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में आरबीआई भोपाल के क्षेत्रीय कार्यालय ने आज भोपाल में वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय रिजर्व बैंक, भोपाल कार्यालय की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री रेखा चंदनवेली ने नाबार्ड, बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य भर की विभिन्न बैंक शाखाओं के अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
पत्र सूचना कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार वित्तीय साक्षरता सप्ताह के अन्तर्गत इस वर्ष का विषय “केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर आपका पहला कदम” है।
इसका उद्देश्य जनता को एक सुरक्षित और भरोसेमंद बैंकिंग प्रणाली सुनिश्चित करने में अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) के महत्व से अवगत कराना है।
इस अभियान के तहत, पुनः केवाईसी के संबंध में जन जागरूकता को और मजबूत करने के लिए, वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के दौरान लोगों को केवाईसी के सभी पहलुओं के बारे में शिक्षित किया जाएगा। अभियान में यह भी बताया जाएगा कि केवाईसी एक नियामक आवश्यकता होने के बावजूद, एक सरल प्रक्रिया है, जिसके लिए कई सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, लोगों को केंद्रीय केवाईसी (सीकेवाईसी) सुविधा के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा, नागरिकों को केवाईसी अपडेट के नाम पर प्राप्त होने वाले फर्जी कॉल, संदेश और लिंक से सावधान रहने की सलाह दी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान और धोखाधड़ी से बचा जा सके। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्रलोभनों के कारण मनी म्यूल बनने के दुराचारी परिणामों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
वित्तीय साक्षरता सप्ताह के दौरान, भारतीय रिज़र्व बैंक , बैंकों और अन्य हितधारकों के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों में जागरूकता कार्यक्रम और संपर्क गतिविधियाँ आयोजित करेगा, जो कि पूरे वर्ष जारी रहेंगी।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी हितधारकों से इस विषय से संबंधित संदेशों का व्यापक प्रसार सुनिश्चित करने और जनता को यह समझाने का आग्रह किया है कि केवाईसी (KYC) केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षित बैंकिंग की एक मजबूत नींव है।






