केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने वाराणसी में चल रहे काशी तमिल संगमम के तहत आयोजित शैक्षणिक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की दो प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का महत्त्वपूर्ण मंच है। श्री चौधरी ने कहा उत्तर औऱ दक्षिण भारत के लोगों का रहन-सहन और भाषा भले ही अलग हों पर हमारा साझा मूल्य-तंत्र और संविधान हमें एक सूत्र में बाँधता है। इस सत्र में तमिलनाडु से आये व्यवसायिकों और शिल्पकारों का उपस्थित रहा।
भारत में सांसदों को नहीं है जलवायु परिवर्तन की चिंता?
– (अमिताभ पाण्डेय) इन दिनों सारी दुनिया के देश जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव से परेशान हैं। इस वैश्विक समस्या के समाधान को लेकर देश – दुनिया में लगातार चर्चा और…





