लाड़ली ने पढ़ाई छोड़ी तो लक्ष्मी नहीं मिलेगी 

लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में से एक है। इस योजना का लक्ष्य बेटियों को आर्थिक सहयोग कर उनका शैक्षणिक स्तर बढ़ाना भी है। 

पैसे के अभाव में जो लोग अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाते थे उनके लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना वरदान साबित हुई है। 

इस योजना के माध्यम से बेटियों को पढ़ने, आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिले हैं। इसके बाद भी लाड़ली लक्ष्मी योजना सभी बेटियों को उच्च शिक्षा से नहीं जोड़ पा रही है।

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक लाड़ली लक्ष्मी योजना में शामिल 52 लाख से ज्यादा बेटियों में से लगभग 20 प्रतिशत ही 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई करती है।

अधिकांश लाड़ली बेटियां स्नातक स्तर की शिक्षा ग्रहण करने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देती हैं। 

मध्यप्रदेश शासन ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए जो नियम बनाए, उसके अनुसार जो लाड़ली 12वीं कक्षा अथवा स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई करेगी केवल उसको ही 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर एक लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा। 

जिन लाडलियों ने 12वीं कक्षा के पहले पढ़ाई छोड़ दी है उनको एक लाख रुपए नहीं मिलेंगे। 

इस नियम के अनुसार मध्यप्रदेश में केवल 20 प्रतिशत लाड़ली लक्ष्मियों को ही मिलेगा एक लाख रुपए की राशि 12वीं या उससे आगे की पढ़ाई करने 21 वर्ष की आयु में मिलेगी। 

अब स्थिति यह है कि 48 प्रतिशत लाड़ली लक्ष्मी ने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। इस योजना के अन्तर्गत पंजीकृत कुल बेटियों में से 52 प्रतिशत ने हीं कक्षा छठी में प्रवेश लिया है 

 उल्लेखनीय है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना अन्तर्गत दिसंबर 2025 तक कुल 52.29 लाख पंजीयन हुए हैं। इनमें से 52.35 प्रतिशत लाड़ली लक्ष्मियों ने कक्षा 6 तक पढ़ाई की । कक्षा 12वीं में मात्र 19.97% लाड़ली लक्ष्मियों ने प्रवेश लिया । स्नातक तक जाने वाली लाड़लियां 5.83% तथा स्नातकोत्तर तक जाने वाली 0.33% है । 

यह जानकारी मध्यप्रदेश विधानसभा में महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न पर दी ।

सुश्री भूरिया ने बताया कि 2007 से 2025 तक 52.2 लाख लाड़ली लक्ष्मियों ने पंजीयन करवाया। वर्ष 2012 में सर्वाधिक पंजीयन 3 लाख 54 हजार 271 तथा उसके बाद 2021 में 3 लाख 44 हजार 649 हुआ। 2025 में 2 लाख 72 हजार 006 पंजीयन हुए। प्रतिवर्ष पंजीयन की संख्या में काफी अंतर के बारे में मंत्री ने बताया कि पात्रता के अनुसार पंजीयन किया जाता है ।

विधायक श्री ग्रेवाल के प्रश्न पर मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि 2025-26 तक योग्य 26.13 लाख लाड़ली लक्ष्मियों में से 13.68 लाख याने 52.35% ने कक्षा 6ठी‌ में प्रवेश लिया । कक्षा नवी में 42.21%, कक्षा ग्यारहवीं में 24.72% ,कक्षा 12वीं में 19.97%, स्नातक में 5.87% तथा स्नातकोत्तर में 0.33% लाड़ली लक्ष्मियों ने ही प्रवेश लिया ‌। 

यहां यह बताना जरूरी है कि लाड़ली लक्ष्मियों में शिक्षा के प्रति रूझान कम होने को लेकर 3 दिसंबर 2025 को माननीय इंदौर उच्च न्यायालय ने स्वत: ही संज्ञान लिया है । जिसमें दो/तीन बार सुनवाई होने पर भी शासन ने उत्तर नहीं दिया , जवाब के लिए समय मांगा है ।

 विधायक श्री ग्रेवाल ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी की शर्तों के अनुसार जिन लाड़लियों ने कक्षा 12वीं में प्रवेश लिया है , उन्हीं को ₹ एक लाख की राशि 21 वर्ष पूर्ण करने पर प्राप्त होगी‌ । इस अनुसार वर्ष 2027 में लगभग 5 हजार तथा 2028 में मात्र 40 हजार लाड़ली लक्ष्मीयाँ लाभान्वित होगी । 

उन्होंने कहा कि योजना में महिलाओं के शैक्षणिक स्तर में सुधार का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ , क्रियान्वयन में शासन ने ध्यान नहीं दिया , और इसे सिर्फ राजनीतिक लाभ का हथियार बनाया।

– अमिताभ पाण्डेय 

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

Related Posts

Пин Ап Казино – играть в онлайн Pin Up Casino – официальный сайт

Пин Ап Казино – играть в онлайн Pin Up Casino – официальный сайт ▶️ ИГРАТЬ Содержимое Как быстро зарегистрироваться и пройти верификацию в Pin Up Casino Обзор ключевых игровых автоматов…

लागत से 6 गुना अधिक वसूली कर चुकी है कंपनी, देवास भोपाल टोल रोड पर टोल वसूली बंद हो

भोपाल। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने देवास भोपाल फोरलेन में फास्टैग के जरिए अधिक वसूल किए गए टोल को गलत ठहराया है। उच्च न्यायालय के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया…