वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अकेला ऐसा देश है जिसने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, आइसलैंड, नार्वे, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टाइन और अमरीका के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किया है। कल नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत ने इन समझौतों में अपने किसानों, दुग्ध उत्पादन क्षेत्र और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम के हितों का ध्यान रखा है।
श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुधार के एजेंडे को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुक्त व्यापार समझौते में 38 देश शामिल हैं जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के दो तिहाई के बराबर है। श्री गोयल ने यह भी कहा कि भारत के बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी यांत्रिक मेधा का प्रसार मुश्किल होगा।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने भारत – अमरीका व्यापार समझौते के संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा साझा किए गए वीडियो में लगाए गए आरोपों से भी इंकार किया है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि श्री गांधी ने जिन लोगों को किसानों का प्रतिनिधि बताया है, वे वास्तव में कांग्रेस के कार्यकर्ता है। श्री गोयल ने कहा कि श्री गांधी के आरोप देश के अन्नदाता किसानों को गुमराह करने का प्रयास हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने किसानों के हित का पूरा ध्यान रखा है और यह समझौता किसानों, मछुआरों, युवाओं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों, स्टार्टअप, कारीगरों और विश्वकर्माओं के फायदे का है। श्री गोयल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसान समुदाय में भय फैलाने के लिए गलत सूचना दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते में सोयामील और कॉर्न में कोई रियायत नहीं दी गई है और इसलिए इससे किसानों को कोई खतरा नहीं है।
श्री गोयल ने बताया कि भारत स्वदेश में कम उत्पादन के कारण प्रतिवर्ष साढे पांच लाख टन सेब का आयात करता है और मौजूदा स्तर से कम आयात की ही अनुमति दी गई है। वाणिज्य मंत्री ने यह भी कहा कि प्रति किलो न्यूनतम 80 रूपये के आयात मूल्य पर ही आयात की अनुमति दी जाएगी जिस पर प्रति किलो 25 रूपए का शुल्क लगेगा। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसान हितों को लगातार प्राथमिकता दी है और वे कृषि और राष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि- दोनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।







