स्वतंत्रता जीवन का आधार : तिवारी

भोपाल।

 स्वतन्त्रता दिवस आजादी की खुशी को याद करने का दिन है। यह दिन हमें स्वतंत्रता संग्राम के उन अनगिनत नायकों को याद दिलाता है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आजादी दिलाई थी। हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि हम आजादी को हमेशा बचाए रखें और अपने देश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने के लिए तन मन धन से समर्पित होकर काम करें। 

उक्त आशय के विचार नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप तिवारी ने व्यक्त किए। वे सीधी जिले के बैढ़न शहर स्थित ज्ञान वैली पब्लिक हायर सेकंड्री स्कूल मे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन का आधार है। यह हमें अपने विचारों को व्यक्त करने, अपने सपनों को पूरा करने और अपने देश के निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है। आज के दिन, हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना चाहिए जिन्होंने हमारे लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था।

मुख्य अतिथि श्री तिवारी ने कहा की आज का भारत एक उभरता हुआ राष्ट्र है, जो हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। हमारे युवाओं में अपार संभावनाएं हैं, और हमें उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करने की आवश्यकता है। हमें अपने देश की विविधता और एकता को बनाए रखना है और हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करना है।

वरिष्ठ पत्रकार श्री तिवारी ने कहा कि आज 15 अगस्त के इस पावन अवसर पर, आइए हम अपने देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और एक नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। 

ज्ञान वैली पब्लिक हायर सेकंड्री स्कूल बैंढ़न में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में स्कूल संचालक संजीव सिंह , डीपीएस स्कूल निगाही से उमेश उपाध्याय , संस्था के प्राचार्य शिक्षक गण एवं अभिभावक गण उपस्थित रहे। समारोह के दौरान स्कूल के बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

 

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

Related Posts

Life is a Journey from Emptiness to the Great Void

“Life is a journey from emptiness to the great void, where it ultimately dissolves.” This tagline has been with me for over twenty years—a quiet compass that has guided my…

सामाजिक न्याय के लिए जरूरी अंबेडकर की राह

संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर का हम उनकी जयंती के मौके पर पुण्य स्मरण कर रहे हैं। उनका सपना था कि हर इंसान को समाजिक न्याय मिल सके। हर गांव-शहर…

Leave a Reply