विधानसभा में दिया गलत जवाब, लूट डकैती के आरोपियों को बचा रही पुलिस

ApniKhabar

भोपाल।

मुरैना जिले के जौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लूट और डकैती के मामले में जिन आरोपियों को मुरैना जिले की पुलिस फरार बता रही है उनके फोटो जौरा के पुलिस थाने में लगे हैं। पुलिस आरोपियों को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही है। इस संबंध में राज्य विधानसभा में जो प्रश्न पूछा गया उसका भी ग़लत उत्तर दिया गया है। 

आज दिनांक 13 मार्च 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक पंकज उपाध्याय ने मुरैना जिले के पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा प्रश्न का ग़लत जवाब दिया गया है।

गंभीर अपराधिक मामले में जिस व्यक्ति को फरार बताया जा रहा है उसे पुलिस प्रशासन बचाने में लगा है।

 मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जो कि गृहमंत्री भी है उन्होंने विधानसभा में अपने जवाब में कहा कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा। श्री उपाध्याय ने कहा कि अब तक आरोपियों को गिरफतार क्यों नहीं किया गया ?

 इन आरोपियों के फोटो जौरा थाने के अंदर लगे हुए हैं और पुलिस इनको पकड़ना नहीं चाहती है। आख़िर पुलिस किसके दबाव में आरोपियों को बचा रही है ? 

इस गंभीर अपराधिक मामले में मुख्यमंत्री ने सदन में जो जवाब दिया वह गलत है। सदन में झूठा जवाब देने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही तत्काल होना चाहिए। 

 श्री उपाध्याय ने कहा कि दिनांक 30 नवंबर 2023 को फरियादी विनोद दुबे ने थाना जौरा में FIR क्रमांक 719/ 23 दर्ज कराई। इसमें उल्लेख है कि दिलीप गुर्जर निवासी जौरा के मकान में आरोपी मुलायम सिंह सिकरवार के साथ 8-10 लोगों ने दिलीप गुर्जर के मकान में लूट की। इसके साथ ही मुझे यानी विनोद दुबे को अपहरण कर जान से मारने की नीयत से लेकर गए ।

यह खबर फैलने पर अपराधियों ने विनोद दुबे को घायल अवस्था में चिन्नौनी थाने के बाहर लूट और मारपीट करके छोड़ दिया और भाग गए l मारपीट के कारण विनोद दुबे को ज्यादा चोट आई, वे चलने फिरने की स्थिति में नहीं रहे।

यह घटना दिनांक 18 नवंबर 2023 को हुई थी। 

बहुत प्रयास और आंदोलन के बाद 30 नवंबर 2023 को FIR दर्ज की गई परंतु आज तक कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं गया। तीन साल बाद भी पुलिस प्रशासन लगातार नए-नए बहाने बनाते जा रहा है और अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रहा है ।

 विधायक श्री उपाध्याय ने कहा कि आरोपियों को बचाना घोर निंदनीय है ।

इसके साथ ही मध्यप्रदेश विधानसभा के अंदर गलत उत्तर देना भी विधानसभा का अपमान और विधायक की अवमानना है।

 विधानसभा के प्रश्न क्रमांक 591 दिनाँक  2 जुलाई 2024, प्रश्न क्रमांक 2642 , दिनांक 5 अगस्त 2025 , प्रश्न क्रमांक 779 , दिनांक 2 दिसंबर 2025 , प्रश्न क्रमांक 637 दिनांक 18 फरवरी 2026 को सदन में लिखित जवाब में बताया गया कि आरोपियों को ढूंढा जा रहा है जबकि आरोपियों की फोटो जौरा थाने में लगी है।

आरोपियों को पुलिस था लगातार बचाने का प्रयास चिंताजनक है। विधानसभा में गलत जवाब देना लोकतंत्र के लिए खतरा है। 

विधायक श्री उपाध्याय ने कहा कि अगर आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 

उन्होंने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और इनको लगातार बचाने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग राज्य सरकार से की है। 

– अमिताभ पाण्डेय

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

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