नई दिल्ली : वाराणसी स्थित अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र में उच्च शिक्षा में शिक्षण पद्धतियों के पुनर्गठन को लेकर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि स्पेन के गिरोना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. एमिली पुइग ई वलारो ने कहा कि शिक्षा केवल पढ़ाने की विधियों में बदलाव नहीं है,

बल्कि यह ज्ञान, मूल्यों और सामाजिक ज़िम्मेदारी के पुनर्संयोजन की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता से भरी है,
ऐसे समय में शिक्षा का उद्देश्य इन चुनौतियों से बचना नहीं, बल्कि इनके बीच रहकर सोचने और कार्य करने की क्षमता विकसित करना होना चाहिए।








