भोपाल।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), भोपाल शाखा कार्यालय ने 30 मार्च 2026 को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के पर्यावरण विज्ञान एवं लिम्नोलॉजी विभाग के साथ मिलकर “मानक मंथन” कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में “वायु गुणवत्ता प्रबंधन योजना – रीति संहिता” के ड्राफ्ट मानक पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि इसे और बेहतर और उपयोगी बनाया जा सके।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के प्रतिनिधि शामिल थे।
कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भोपाल के वैज्ञानिक–सी/उपनिदेशक संजय कुमार विश्वकर्मा ने मुख्य अतिथि डॉ. अभिलाषा भावसार का स्वागत किया।
अपने संबोधन में डॉ. अभिलाषा भावसार ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे अपने सुझाव देकर इस ड्राफ्ट को और बेहतर बनाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और विश्वविद्यालय का सहयोग गुणवत्ता और पर्यावरण सुरक्षा को मजबूत करता है।
इसके बाद संजय कुमार विश्वकर्मा ने आसान भाषा में BIS के काम और मानक बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब अलग-अलग क्षेत्रों के लोग मिलकर सुझाव देते हैं, तो मानक ज्यादा उपयोगी बनते हैं।
उसके पश्चात् भारतीय मानक ब्यूरो मुख्यालय से ऑनलाइन जुड़े श्री ललित यादव ने ड्राफ्ट मानक के मुख्य बिंदुओं को सरल तरीके से समझाया।
उन्होंने वायु गुणवत्ता प्रबंधन के अलग-अलग पहलुओं, इसे लागू करने के तरीकों और इसके फायदे के बारे में जानकारी दी।
साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए।चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, खासकर यह कि इस योजना को जमीन पर कैसे बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।
इन सभी सुझावों को इकट्ठा करके संबंधित समिति को भेजा जाएगा, ताकि अंतिम मानक तैयार करते समय उन्हें शामिल किया जा सके।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस दौरान बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों सक्रिय भागीदारी की। यह कार्यक्रम वायु गुणवत्ता सुधार और जागरूकता के लिए आयोजित किया गया।
– अमिताभ पाण्डेय





