भोपाल।
- न्यायिक क्षेत्र में आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस का उपयोग करके त्वरित, निष्पक्ष और बेहतर न्याय कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है?
- अपराध की रोकथाम के लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस का किस प्रकार बेहतर उपयोग हो सकता है ?
इस संबंध न्यायिक सेवा, पुलिस के अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ आज आयोजित अधिवेशन में विचार विमर्श कर रहे हैं ।
देश – दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आपराधिक न्याय प्रणाली में बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते यह अधिवेशन हो रहा है। आज दिनांक 21 अप्रैल 2026 को आयोजित यह एक दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन है ।
इसका आयोजन गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल तथा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D), नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।
इस अधिवेशन में न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस (भोपाल) विशेष वक्ता के रूप में अपना वक्तव्य देंगे। इस मौके पर भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, नई दिल्ली आलोक रंजन भी अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के फॉरेंसिक विज्ञान में उपयोग, न्यायिक प्रक्रियाओं में इसकी भूमिका तथा पुलिस कार्यप्रणाली में इसके प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस एक दिवसीय अधिवेशन में देशभर से 170 से अधिक पुलिस अधिकारी, न्यायाधीश, राजस्व अधिकारी, कारागार अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ तथा शासकीय अधिवक्ता भाग ले रहे हैं।
– अमिताभ पाण्डेय





