ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान भारत का पुराना साथी रहा है और इजरायल के साथ भी हाल के वर्षों में भारत के संबंध मजबूत हुए हैं।
हाजीपुर (वैशाली, बिहार): ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान भारत का पुराना साथी रहा है और इजरायल के साथ भी हाल के वर्षों में भारत के संबंध मजबूत हुए हैं। ऐसे में भारत अपने पुराने दोस्तों का साथ निभाते हुए नए मित्र देशों के साथ भी आगे बढ़ने का काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों, विशेषकर बिहार के लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
बिहार के हाजीपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों, खासकर बिहार के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सकुशल भारत वापस लाना सरकार की जिम्मेदारी है। इस दिशा में सरकार ने काम शुरू कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और कई देश इन परिस्थितियों में उलझे हुए हैं। ऐसे समय में किसी भी तरह की हल्की बयानबाजी से बचना चाहिए। भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है और यह बुद्ध की धरती है। युद्ध की अपेक्षा भारत वार्ता और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने में विश्वास रखता है। भारत की ओर से भी यही अधिकृत बयान दिया गया है कि सभी पक्ष आपस में बैठकर बातचीत से इस मुद्दे का समाधान निकालें।
उन्होंने कहा कि ईरान भारत के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक रहा है, वहीं इजरायल के साथ भी हाल के दिनों में संबंध मजबूत हुए हैं। इसलिए भारत संतुलित कूटनीति अपनाते हुए अपने पुराने मित्रों का साथ निभाने और नए मित्रों के साथ आगे बढ़ने की नीति पर काम करेगा। यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल को सोच-समझकर बयान देना चाहिए और सरकार का अधिकृत पक्ष ही सामने आना चाहिए।
युद्धग्रस्त देशों में फंसे भारतीयों और बिहार के लोगों के संबंध में चिराग पासवान ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता इन लोगों की सुरक्षा को लेकर है। सरकार पूरी तत्परता के साथ उन्हें सुरक्षित भारत लाने के प्रयास में जुटी है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में जहां भी युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है, भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का कार्य सफलतापूर्वक किया है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यूक्रेन संकट के दौरान भारतीय तिरंगा देखकर अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकलने में मदद मिली थी। वर्तमान स्थिति में भी खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से वापस लाया जाएगा। भले ही हवाई सेवाएं प्रभावित हों, लेकिन सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।






