हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदल दिया गया है जिसके विरोध में आज जिलाधीश कार्यालय सोलन में एटक व सीटू के कार्यकर्तओं ने विरोध प्रर्दशन किया व इस नाम बदलने के विरोध में उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। एटक के सदस्य अनूप पराशर एवं सीटू के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि इस बदलाव से सरकार ने हजारों मजदूरों के साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा रोजगार की गारंटी योजना थी जिसमें सौ दिन का रोजगार दिया जाता था लेकिन अब इस योजना में संशोधन किया गया है जो कि निराशाजनक है।
भारत में सांसदों को नहीं है जलवायु परिवर्तन की चिंता?
– (अमिताभ पाण्डेय) इन दिनों सारी दुनिया के देश जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव से परेशान हैं। इस वैश्विक समस्या के समाधान को लेकर देश – दुनिया में लगातार चर्चा और…





