हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदल दिया गया है जिसके विरोध में आज जिलाधीश कार्यालय सोलन में एटक व सीटू के कार्यकर्तओं ने विरोध प्रर्दशन किया व इस नाम बदलने के विरोध में उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। एटक के सदस्य अनूप पराशर एवं सीटू के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि इस बदलाव से सरकार ने हजारों मजदूरों के साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा रोजगार की गारंटी योजना थी जिसमें सौ दिन का रोजगार दिया जाता था लेकिन अब इस योजना में संशोधन किया गया है जो कि निराशाजनक है।
आदिवासी बच्चों की मौत से स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठते सवाल!
रिपोर्ट:- सतीश भारतीय मध्यप्रदेश के बालाघाट में बीमारियों से आदिवासी बच्चों की मौतें बढ़ रही है। बच्चों की मौतें जून माह से शुरू हुई। पहले मौत का आंकड़ा 8 सामने…






