एआई से तैयार बच्‍चों का अश्‍लील चित्रण एक तरह से बाल यौन शोषण: यूनिसेफ

ApniKhabar

संयुक्‍त राष्‍ट्र की संस्‍था यूनिसेफ ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए आई) से तैयार बच्‍चों का अश्‍लील चित्रण एक तरह से बाल यौन शोषण है और इसे अपराध माना जाना चाहिए। यूनिसेफ ने एआई उपकरणों द्वारा आपत्तिजनक सामग्री तैयार करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चेतावनी दी है।

संगठन ने कहा है कि एआई से तैयार ऐसी सामग्री दुनियाभर में चिंता का विषय है और ऐसे भी मामले सामने आये हैं जहां बच्‍चों के चित्रों से छेड़छाड़ कर उन्‍हें डीपफेक तकनीक से अश्‍लील रूप में दिखाया जाता है। यूनिसेफ का कहना है इस तकनीक से बच्‍चों के नग्‍न चित्र दिखाये जाते हैं।

संयुक्‍त राष्‍ट्र संस्‍था ने दुनियाभर की सरकारों से अनुरोध किया है कि वे अपने कानूनों में बाल यौन शोषण की कानूनी परिभाषा का विस्‍तार करें और इसमें  ए आई से तैयार सामग्री के निर्माण, खरीद और वितरण को आपराधिक गतिविधि माना जाए। यूनिसेफ ने ए आई विकसित करने वाली संस्‍थाओं से भी कहा है कि ऐसी किसी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षा के कडे मापदंड अपनायें।  

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

Related Posts

खत्म होने वाला है ईरान-इजरायल युद्ध? डोनाल्ड ट्रंप ने दिए संकेत

ApniKhabar

ApniKhabarनई दिल्ली: इज़राइल ने शनिवार को तेहरान और बेरूत पर हमले किए, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को समाप्त करने…

शशि थरुर ने पश्चिम एशिया पर केंद्र के रुख का समर्थन किया

ApniKhabar

ApniKhabarनई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के बीच कांग्रेसी सांसद शशि थरुर ने केंद्र सरकार के रुख की सराहना की है। एक समाचार पत्र में लिखे आलेख में…