हमीरपुर(हिमाचल प्रदेश): जिला हमीरपुर की उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला में बेसहारा पशुओं की समस्या के बारे में विभागीय अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे पर भटक रहे बेसहारा पशुओं को तुरंत हटाने के लिए उच्चतम न्यायालय ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला हमीरपुर में भी इन दिशा-निर्देशों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पशुपालन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, परिवहन विभाग, शहरी निकाय और पंचायतीराज संस्थाएं अपने अपने क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाएं। अगर कहीं पर बेसहारा पशु मिलता है तो उसे तुरंत नजदीकी गौसदन या गौ सेंक्चुरी में भेजने की व्यवस्था करें।
उपायुक्त ने बताया कि इस समय जिला में कुल 28 गौसदन एवं गौ सेंक्चुरी संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 2293 पशुओं को रखने की क्षमता है। अभी इनमें लगभग 2286 पशु हैं। इनमें और पशुओं को रखने के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए उपमंडल स्तर पर भी समितियों का गठन किया जाएगा। बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश कपूर ने बताया कि जिला में हाईवे पर बेसहारा पशुओं के संभावित स्थानों को चिह्नित किया गया है और इन स्थानों से पशुओं को हटाकर गौसदनों में पहुंचाया जा रहा है।
इस अवसर पर नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी बबीता गुलेरिया और अन्य अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखें।






