06 फरवरी दिल्ली। राज्यसभा में आज निजी सदस्यों के विधायी कार्य की कार्यवाही में कई सदस्यों ने विभिन्न विधेयक पेश किए। शिवसेना-उद्धव ठाकरे सांसद ने हवाई यात्री अधिकार विधेयक पेश किया, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के ए. ए. रहीम ने शैक्षिक परामर्श विनियमन विधेयक पेश किया। भारतीय जनता पार्टी के संजय सेठ ने लघु दावा न्यायालय विधेयक पेश किया।
निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा ने महत्वपूर्ण अवसंरचना-लचीलापन, संरक्षण और जवाबदेही विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य रणनीतिक महत्व की महत्वपूर्ण अवसंरचना की पहचान, पदनाम और संरक्षण करना है। साथ ही तकनीकी एकीकरण के माध्यम से इसके लचीलेपन के लिए एक ढांचा स्थापित करना और महत्वपूर्ण अवसंरचना में दोषों के कारण विफलता या जानमाल के नुकसान के लिए जिम्मेदार पक्षों पर सख्त जवाबदेही और उत्तरदायित्व लागू करना है।
पुलों, सड़कों, इमारतों और अन्य सार्वजनिक ढांचों के ढहने या टूटने की घटनाओं के मद्देनजर प्रस्तावित विधेयक लाया गया है। विधेयक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अवसंरचना परियोजनाओं में लापरवाही के कारण होने वाली जानमाल की हानि को केवल तकनीकी चूक नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक अपराध माना जाए।
श्री शर्मा ने आज उच्च सदन में शक्ति सम्मान-महिलाओं के लिए समान वेतन विधेयक, 2026 भी प्रस्तुत किया। यह विधेयक भारतीय महिलाओं के लिए लैंगिक वेतन अंतर को कम करने और वास्तविक आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक एआई-आधारित पोर्टल और समान मूल्य के कार्य का मानक प्रस्तावित करता है।
श्री शर्मा ने कहा कि सच्चा सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाओं के योगदान को पुरुषों के समान गरिमा और आर्थिक मूल्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि शक्ति सम्मान विधेयक अतीत की आलोचना नहीं है, बल्कि एआई और पारदर्शी लेखापरीक्षाओं का उपयोग करके प्रत्येक कामकाजी महिला के लिए वेतन समानता को एक वास्तविक अधिकार बनाने के लिए निष्पक्ष भविष्य की रूपरेखा है।




