गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मैपिंग कार्य त्रुटि रहित किया जाए

संभागायुक्त एवं रोल प्रेक्षक आशीष सिंह ने आगर-मालवा, जिले में किए जा रहे निर्वाचक नामावली के गहन पुनरीक्षण की समीक्षा मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की उपस्थिति में की। रोल प्रेक्षक ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोडने का कार्य लगातार जारी है। गहन पुनरीक्षण में भी मतदाता, बीएलओ से फॉर्म लेकर सही जानकारी भरकर जमा करवा सकते है। इसके साथ ही 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावें आपत्ति भी प्रस्तुत किए जा सकेंगे। जिससे मतदाता सूची में नाम जोडने तथा संशोधन का काम भी होगा।   

संभागायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मैपिंग कार्य त्रुटि रहित किया जाए। घुमंतू समाज के लिए सभी  ईआरओ विशेष गंभीरता से कार्य करें, जिनका नाम मैपिंग में नहीं आ रहा है उनको नोटिस जारी किए जाएं, जिनका नाम पूर्व से जुड़ा है एवं अब छूट गया है, उनसे 6 नंबर फार्म भरवा कर कार्यवाही की जाए। गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी से राजनीतिक दलों को अवगत कराने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश संभाग आयुक्त द्वारा दिए गए। उन्होंने कंट्रोल रूम स्थापना की जानकारी प्राप्त की और फॉर्म नंबर 6 को लेकर विशेष एवं गहन प्रचार प्रसार करने के निर्देश भी दिए। संभागायुक्त ने आगर मालवा जिले में निर्वाचक नामावली के गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति एवं पारदर्शिता पर  संतोष जाहिर किया।   

बैठक में कलेक्टर प्रीति यादव ने बताया कि आगर-मालवा जिले की दोनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में गणना पत्रकों के डिजिटलाईजेशन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उन्होंने विधानसभावार मतदाता संख्या, अनुमोदित नवीन मतदाता केन्द्र, रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बूथ लेवल एजेंट, जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम, बीएलओ की स्थिति, एसआईआर कार्य की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की संपूर्ण गतिविधियों के संपादन के साथ-साथ 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नवीन मतदाताओं से फार्म 6 एवं मतदाता सूची में से नाम कटवाने के लिए फार्म 7 तथा संशोधन/ शिफ्टिंग के लिए फार्म 8 की कार्यवाही भी की जा रही है। मतदाता फार्म बी.एल.ओ. के माध्यम से अथवा ऑनलाइन एन.व्ही.एस.पी. पोर्टल/ वोटर हेल्पलाईन एप के माध्यम से जमा/भर सकते है। 

बैठक में बताया कि 18 दिसम्बर तक गणना पत्रक का कार्य किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन सभी मतदान केन्द्रों तथा निर्धारित स्थलों पर 23 दिसम्बर को होगा। मतदाता सूची के संबंध में दावे-आपत्तियाँ 23 दिसम्बर से 22 जनवरी 2026 तक दर्ज कराई जा सकती हैं। दावे-आपत्तियों का निराकरण 23 दिसम्बर 14 फरवरी तक किया जाएगा। 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि दावे-आपत्ति अवधि में ऐसे मतदाताओं को जिनकी मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से स्वयं अथवा उनके माता-पिता या दादा-दादी से नहीं हो पाई है को ईआरओ और एईआरओ द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएगे, उनका निराकरण भी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा तय समयावधि के दौरान ही किया जावेगा।

Editor

I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

Related Posts

Life is a Journey from Emptiness to the Great Void

“Life is a journey from emptiness to the great void, where it ultimately dissolves.” This tagline has been with me for over twenty years—a quiet compass that has guided my…

सामाजिक न्याय के लिए जरूरी अंबेडकर की राह

संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर का हम उनकी जयंती के मौके पर पुण्य स्मरण कर रहे हैं। उनका सपना था कि हर इंसान को समाजिक न्याय मिल सके। हर गांव-शहर…