पन्ना नेशनल पार्क में जंगल सफारी, मुख्यमंत्री ने कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी

भोपाल : मध्यप्रदेश में पर्यटन की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में 8 दिसम्बर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना नेशनल पार्क के मड़ला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

अब इन बसों के जरिए पर्यटक जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से ले सकेंगे। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों को एक नई सौगात देते हुए प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है।

जंगल सफारी के लिए 10 नई आरामदायक वीविंग कैंटर बसें उपलब्ध करायी हैं। इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। यह बसें अन्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतर दृश्य और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बसें अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं। इन बसों की लंबाई और ऊंचाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। वहीं बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह बसें सुरक्षित और अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी।

इन बसों में बैठकर पर्यटक न केवल वन्यजीवों के विचरण का नज़ारा देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक सुखद और यादगार अनुभव भी ले सकेंगे।

ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी पर्यटकों को मिलेगी पार्क राउंड की सुविधा :

10 नई वीविंग कैंटर बसों के संचालन से उन पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी, जो पहले ऑनलाइन बुकिंग न होने की वजह से जंगल सफारी का अनुभव नहीं ले पाते थे। इसके साथ ही ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से कई पर्यटक नेशनल पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित रह जाते थे।

नेशनल पार्क्स के एंट्री गेट से ही बुकिंग की सुविधा :

नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब पर्यटकों को नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन वाहनों से जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग ₹1150 से ₹1450 तक शुल्क देना होगा।

यह 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों और पर्यटन स्थलों जैसे बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली सहित अन्य नेशनल पार्क्स और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित की जाएंगी।

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I am a journalist having over 25 years of experience in journalism. Having worked for several national dailies and as correspondent in All India Radio, I am currently working as a freelancer.

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