मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर नेहा मीना द्वारा कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले में गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि समस्त पंजीयन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि पंजीयन के दौरान कृषक बंधुओं को उपार्जन से संबंधित समस्त जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर ने एनआईसी के माध्यम से किसानों को गेहूं उपार्जन, पंजीयन तिथि एवं आवश्यक दिशा-निर्देशों से संबंधित मैसेज ब्रॉडकास्ट करने के निर्देश भी दिए। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर को अवगत कराया गया कि जिले में अभी 2390 किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाना शेष हैं। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत शेष केसीसी का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही उन्होंने केसीसी से संबंधित ऋण वसूली हेतु शिविरों के आयोजन एवं उनकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने रबी फसलों एवं आगामी मौसम को दृष्टिगत रखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता की भी समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर कमी की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने कृषि मेलों के आयोजन के निर्देश देते हुए कहा कि इन मेलों के माध्यम से किसानों को नेचुरल फार्मिंग एवं जैविक कृषि के संबंध में ओरिएंटेशन प्रदान किया जाए, जिससे किसान प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हों।





