गुजरात व महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि देसी गाय के एक ग्राम गोबर में 300 करोड़ से अधिक सूक्ष्म जीवाणु होते हैं जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और धरती को फिर से जीवंत बनाते हैं। यूरिया, डीएपी और कीटनाशकों के प्रयोग ने देश की उपजाऊ भूमि को बंजर बना दिया है। वह रविवार को किरठल गांव स्थित गोडविन ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के रजत जयंती के अवसर पर आयोजित ‘नवोन्मेष’ समारोह’ में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बेटा-बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव न करते हुए सभी को शिक्षा से अवश्य जोड़ें, क्योंकि घर में एक शिक्षित सदस्य पूरे परिवार के भविष्य को सकारात्मक दिशा देता है। उन्होंने बच्चों पर नियमित निगरानी रखने, संस्कारवान एवं चरित्रवान पीढ़ी के निर्माण तथा युवाओं में नशे और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों से कहा कि वैज्ञानिक शोधों में यह सिद्ध हो चुका है कि देसी गाय का गोबर और गोमूत्र खेती के लिए वरदान है। उन्होंने बताया कि गुजरात के पांच कृषि विश्वविद्यालयों में कराए गए स्वतंत्र शोध में एक समान परिणाम सामने आए हैं, जिनमें यह प्रमाणित हुआ कि देसी गाय के गोबर-गोमूत्र में असंख्य सूक्ष्म जीवाणु होते हैं जो मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को बढ़ाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि जंगलों में बिना किसी रासायनिक खाद के पेड़-पौधे हरे-भरे रहते हैं और उनमें किसी पोषक तत्व की कमी नहीं होती। यही प्रकृति का नियम खेती में भी अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी मिट्टी की जांच कराएं और ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाने की दिशा में प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उधर, समारोह में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी तथा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। समारोह में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
भोपाल- बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 फरवरी से गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर प्रवचन
ApniKhabarभोपाल के बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक एक विशेष धार्मिक और कृषि जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मलूक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्र दास…








