धनी राम शांडिल ने चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश

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शिमला(हिमाचल प्रदेश): स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज़ कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीएमएससीएल) की स्पैशल हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और आधुनिक बना रही है ताकि प्रत्येक मरीज को उसके घर-द्वार पर उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है और लगभग 1,110 करोड़ रुपये खर्च कर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, ट्रॉमा सेंटर, कैंसर डे केयर, चिकित्सा महाविद्यालयों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों सहित पूरे राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के सहयोग से राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

प्रथम चरण के तहत अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 1,710 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। द्वितीय चरण में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,617 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण खरीद सुनिश्चित करने में एचपीएमएससीएल की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने अधिकारियों को चिकित्सा उपकरणों एवं सामग्री की निविदा तथा खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदशिता बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में नैदानिक सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा उन्नत चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर विशेष बल दिया गया जिनमें लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट, शल्य चिकित्सा उपकरण, एफइएसएस एंडोस्कोपी यूनिट, मल्टीपैरा मॉनिटर्स तथा अन्य उपकरणों सहित लैप्रोस्कोपिक सेट शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मरीजों की सुविधा के लिए राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना का आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित कर रही है। इसके पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को राज्य में ही अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उपचार के लिए किसी को भी राज्य से बाहर न जाना पड़े। इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

बैठक के दौरान ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों के लिए बायोमेडिकल उपकरणों की खरीद, 13 सिंगल पंचर लैप्रोस्कोप की आपूर्ति तथा हमीरपुर, टांडा चिकित्सा महाविद्यालयों और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान चमियाना के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ट्रैक-आधारित एकीकृत लैब ऑटोमेशन सिस्टम की स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए निविदा दस्तावेज को स्वीकृति प्रदान की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन पहलों से राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना और सेवाओं में सुधार होगा, जिससे हिमाचल प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा। बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मिशन निदेशक एनएचएम प्रदीप कुमार ठाकुर, एचपीएमएससीएल के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु सिंगल, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन सुनील शर्मा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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